W3Schools
Advertisement

No UPI Day 2nd October: 2 अक्टूबर को दुकानों पर नहीं चलेगा UPI! जानें क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा विरोध?

No UPI Day 2nd October: 2 अक्टूबर को कई मोबाइल रिटेलर्स ‘No UPI Day’ के जरिए प्रस्तावित 0.4% MDR का विरोध करेंगे। कुछ दुकानों पर UPI QR कोड हटाकर डिजिटल पेमेंट लेने से इनकार किया जा सकता है। हालांकि, देशभर में UPI सेवा बंद नहीं होगी। ग्राहक अन्य दुकानों, ऑनलाइन शॉपिंग और व्यक्तिगत ट्रांसफर में UPI इस्तेमाल कर सकेंगे।
02:54 PM Oct 01, 2026 IST | Amit Kumar
No UPI Day 2nd October: 2 अक्टूबर को कई मोबाइल रिटेलर्स ‘No UPI Day’ के जरिए प्रस्तावित 0.4% MDR का विरोध करेंगे। कुछ दुकानों पर UPI QR कोड हटाकर डिजिटल पेमेंट लेने से इनकार किया जा सकता है। हालांकि, देशभर में UPI सेवा बंद नहीं होगी। ग्राहक अन्य दुकानों, ऑनलाइन शॉपिंग और व्यक्तिगत ट्रांसफर में UPI इस्तेमाल कर सकेंगे।
no upi day 2nd october  2 अक्टूबर को दुकानों पर नहीं चलेगा upi  जानें क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा विरोध
No UPI Day 2nd October (credit social media )

No UPI Day 2nd October: अगर आप डेली  की खरीदारी के लिए कैश की जगह UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो 2 अक्टूबर को कुछ दुकानों पर आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि  चाय की दुकान हो, मोबाइल शॉप या फिर कोई रिटेल स्टोर, कई जगहों पर दुकानदार UPI पेमेंट नहीं लेने  का फैसला कर सकते हैं। दरअसल, 2 अक्टूबर को देश के कई मोबाइल रिटेलर्स ‘No UPI Day’ के तौर पर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं। इसे लेकर लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या 2 अक्टूबर से पूरे देश में UPI सेवा बंद हो जाएगी? ऐसा बिल्कुल नहीं है। UPI की सामान्य सेवाएं जारी रहेंगी। विरोध केवल कुछ दुकानदारों की ओर से किया जा रहा है।

Advertisement

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  इस विरोध के पीछे का मुख्य कारण  UPI पेमेंट पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR है। मोबाइल रिटेलर्स को आशंका है कि UPI लेनदेन पर 0.4 % MDR लागू होने से उनके कारोबार की लागत बढ़ सकती है। रिटेलर्स का कहना है कि लंबे समय से UPI पेमेंट पर जीरो MDR सिस्टम  लागू है। अब इसमें बदलाव की चर्चा के बाद मोबाइल कारोबारियों ने इसका विरोध शुरू किया है। उनका तर्क है कि एक्स्ट्रा चार्ज का सीधा असर  उनके मुनाफे पर पड़ सकता है।

Advertisement

15 अक्टूबर से क्या बदल सकता है?

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI लेनदेन पर मर्चेंट से चार्ज  लिया जा सकता है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI ट्रांजैक्शन पर पैसा देना होगा।

Advertisement

जानकारी के मुताबिक, व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाला UPI ट्रांसफर पहले की तरह फ्री  रहेगा। इसी तरह छोटे व्यापारियों को किए जाने वाले कई पेमेंट भी नॉर्मल  तरीके से जारी रहेंगे। प्रस्तावित बदलाव मुख्य रूप से कुछ बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन से जुड़ा है।

मोबाइल दुकानदार ही क्यों कर रहे विरोध?

‘No UPI Day’ का यह विरोध ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) की ओर से किया जा रहा है। मोबाइल फोन और एक्सेसरीज बेचने वाले दुकानदारों का मानना है कि MDR लागू होने पर उन्हें हर बड़े UPI पेमेंट  पर एक्स्ट्रा  लागत उठानी पड़ सकती है।

AIMRA के पदाधिकारी तरविंदर सिंह के मुताबिक, 2 अक्टूबर को कई मोबाइल रिटेलर्स अपने दुकानों के UPI QR कोड को काले कपड़े से ढककर विरोध जताएंगे। दुकानदारों की मांग है कि UPI पर जीरो MDR की व्यवस्था जारी रखी जाए।

क्या 2 अक्टूबर को UPI बंद हो जाएगा?

यह सबसे जरूरी बात है कि 2 अक्टूबर को पूरे देश में UPI सेवा बंद नहीं होने वाली है। NPCI या बैंकों की ओर से UPI सर्वर बंद करने की कोई बात नहीं है। अगर कोई व्यक्ति अपने दोस्त या रिश्तेदार को पैसे भेजना चाहता है, ऑनलाइन शॉपिंग करनी है या किसी ऐसे दुकानदार को पेमेंट  करना है जो विरोध में शामिल नहीं है, तो वह नॉर्मल  रूप से UPI का इस्तेमाल कर सकेगा।

परेशानी मुख्य रूप से उन मोबाइल दुकानों पर हो सकती है जो ‘No UPI Day’ के विरोध में शामिल होंगी। ऐसे दुकानदार QR कोड हटाकर UPI पेमेंट लेने से मना कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में कस्टमर्स को कैश या उपलब्ध किसी दूसरे पेमेंट ऑप्शन का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें: Apple Pay vs PhonePe: जानें QR कोड, UPI और Tap-and-Pay में कौन सबसे बेस्ट ऑप्शन?

Advertisement
Author Image

Amit Kumar

View all posts

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।

Advertisement
Advertisement
×