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रोजगार नहीं मिलने के कारण पुन: मजदूर जाने के लिए बाध्य : तेजस्वी यादव

रोजगार नहीं मिलने के कारण पुन: मजदूर जाने के लिए बाध्य : तेजस्वी यादव
पटना, (पंजाब केसरी) : कोरोना काल में जब बिहार के लोग बेहाल और परेशान  हो कर मर रहे थे, उस समय  भाजपा गरीबों  का मजाक उड़ाते हुए करोड़ों करोड़ खर्च कर वर्चुअल रैली कर रही थी। ऐसे कठिन समय मे भाजपा को मात्र सत्ता और कुर्सी का लोभ सता रहा था। कोरोना काल मे बिहार के लाखों मजदूरों और मेहनतकशो  का रोजगार छीन गया। उन्हें मजबूरन अपने घरों के लिए वापस लौटना पड़ा।
मुख्यमंत्री जी उन्हें घर वापस लौटने नहीं देना चाह रहे थे। हमने और हमारे दल ने मजदूरों की  हक की आवाज़ उठाई । मजबूरन सरकार को मजदूरों की मांग माननी पड़ी, सरकार की  गलत नीति के कारण मजदूरों को हजारों किलोमीटर पैदल चलकर अपने  घर आना पड़ा। रास्ते मे कई मजदूरों को दुर्घटना मे जान तक गवानी पड़ी । रेल के परिचालन मे रेल की कुवयवस्था  के कारण लोगो को एक दिन के सफर को तय करने मे आठ आठ दिन लगे।
रेल ने खाने के नाम पर रेल टिकट के अतिरिक्त 50 रुपया लिया मगर वयस्वस्था  ठीक नहीं रहने के कारण मजदूरों को खाने पीने का लाला झेलना पड़ा। ये सारी बातें नेता प्रतिपक्ष  तेजस्वी प्रसाद यादव ने राजद प्रदेश कार्यालय मे आयोजित मिलन समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष ने नालंदा जिला के अस्थानवां निवासी अनिल महाराज, सारण जिला की  परसा निवासी डॉक्टर करिश्मा को राजद की सदस्यता दिलाई ।
रामचन्द्र प्रसाद मंडल, एवम  संजीव सहाय ने भी राजद की सदस्यता ली। इन सभी राजद की सदस्यता लेने वालों ने राजद की विचार धारा एवम नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व मे आस्था वयक्त करते हुए कहा कि वे राजद की नीति से प्रभावित हो कर राजद की सदस्यता ग्रहण करने का निर्णय लिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोरोना एक  गंभीर बीमारी है , इससे बचाव के लिये बताए गए सावधानी का कड़ाई  से पालन करें। इंसान का जीवन अमूल्य है इसकी रक्षा  हर मूल्य पर करें। मास्क का प्रयोग जरूर करें। सोशल डिस्टेन्स का खयाल रखें। उन्होंने कहा कि मिलन समारोह यदि क्षेत्र  मे आयोजित होता तो लोगों मे और अधिक उत्साह देखने को मिलता। कोरोना को ध्यान मे रख कर मिलन समारोह प्रदेश कार्यालय मे करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि  बड़ी संख्या मे लोग राजद से जुडऩा चाह रहे है। राजद से जुडऩे की इच्छा रखने वालों का स्वागत  है।
नेता प्रतिपक्ष ने केन्द्र की सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आज जब कच्चे तेल का मूल्य सब से कम है ऐसे समय मे तेल के मूल्य मे बेतहाशा  वृद्धि  करना जनता के साथ धोखा है। लोग महगाई की मार से त्रस्त है। पेट्रोल और डीज़ल के मूल्य मे वृद्धि  का सीधा प्रभाव महगाई बढ़ाने पर पड़ता है। सभी आवस्यक सामानों का मूल्य बढ़ रहा है। मंहगाई बढ़ गई है।उन्होंने कहा कि कोरोना से सबसे ज्याद नुकसान बिहार का हुआ है। बिहार के लोगों का रोजगार छीन गया है। 30 लाख से अधिक बिहारी बेरोजगार हो कर वापस लौटे हैं।
न्यायालय ने राज्य सरकार को कहा था कि आये मजदूरों को सरकार रोजगार दे।कितने मजदूरों को रोजगार दिए गए ये सरकार बताए। रोजगार नहीं मिलने के कारण  पुन: मजदूर पलायन के लिये बाध्य हो रहे हैं। राज्य सरकार ने कहा था कि किसानों की स्थिति को ठीक करेंगे। रोजगार की व्यवस्था करेंगे। मगर हो क्या रहा है। राज्य मे भृष्टाचार  चरम सीमा पर है ।किसी भी नेता को मान सम्मान नही मिल रहा है ।हर तरफ ऑफिसर राज है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनकी यह कोशिश है कि बिहार का मान सम्मान बढ़ाया जाय। बिहार मे विकास की चौमुखी धारा खोली जाय। बिहार का पैसा बिहार मे ही लगे। बिहार मे फूड प्रोसेसिंग उद्योग  की अनेकों संभावना है। बड़े  पैमाने पर यहां पर उद्योग  लगे।लोगों को रोजगार यहां ही मिल पाए। उन्होंने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है मगर कोई कल कारखाना नही खुल रहा है। विकास  के नाम पर अमीरों का विकास  हो रहा है। हर जगह भ्रष्ट्राचार है। एक इंजन भ्रष्ट्राचार मे लगा हुआ है तो दूसरा अपराध मे। राज्य मे 55 घोटाले हुए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता मुझे एक मौका दे। आप एक कदम चलेंगे तो मैं चार कदम चल कर आपकी आशा और विश्वाश को पूरा करूंगा। सभी नोजवानो को रोजगार दूंगा। राज्य मे विकास  की गंगा बहा कर हर घर मे खुशहाली लाने का प्रयास करूंगा। समारोह को राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, पूर्व मंत्री  रामाश्रय साहनी ने संबोधित किया। बैठक मे पूर्व विधायक रामस्वरूप पासवान, चन्देस्वर प्रसाद, मदन शर्मा सहित राजद के अनेकों पदाधिकारी उपस्थित थे। मंच का संचालन  निराला यादव ने किया।


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