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भाजपा में शामिल हो सकती हैं तेलुगू अभिनेत्री जयसुधा ! नेतृत्व से संपर्क

तेलुगू अभिनेत्री और कांग्रेस की पूर्व विधायक जयसुधा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना है। भगवा पार्टी नेतृत्व के संपर्क करने के बाद वह कथित तौर पर पार्टी में शामिल होने के लिए सहमत हो गई हैं।
भाजपा में शामिल हो सकती हैं तेलुगू अभिनेत्री जयसुधा !  नेतृत्व से संपर्क
तेलुगू अभिनेत्री और कांग्रेस की पूर्व विधायक जयसुधा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना है। भगवा पार्टी नेतृत्व के संपर्क करने के बाद वह कथित तौर पर पार्टी में शामिल होने के लिए सहमत हो गई हैं। 21 अगस्त को मुनुगोड़े विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संबोधित की जाने वाली एक जनसभा में उनके कोमातीरेड्डी राजगोपाल रेड्डी के साथ औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने की संभावना है।
शर्तों के साथ बीजेपी का दामन थामने को तैयार जयसुधा
राजगोपाल रेड्डी ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और सोमवार को विधानसभा से अपना इस्तीफा सौंप दिया। वह 2018 में मुनुओगड़े निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे। बताया जा रहा है कि बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री एटाला राजेंदर ने जयसुधा से मुलाकात कर उन्हें पार्टी में शामिल होने का न्यौता दिया था। कहा जा रहा है कि उन्होंने बीजेपी के सामने कुछ शर्तें रखी थीं और पार्टी नेतृत्व को बताया था कि अगर वे शर्तें पूरी होती हैं तो वह पार्टी में शामिल हो जाएंगी। भाजपा का राज्य नेतृत्व केंद्रीय नेताओं से मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
दक्षिण को साधने के लिए गैर दलों के नेताओं को अपने पाले में खींच रही हैं भाजपा
जयसुधा को निमंत्रण 2023 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी संभावनाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं और प्रसिद्ध हस्तियों को अपने पाले में लाने के भाजपा के प्रयासों का हिस्सा है। वह 2009 में सिकंदराबाद निर्वाचन क्षेत्र से आंध्र प्रदेश विधानसभा के लिए चुनी गईं। हालांकि, वह 2014 के चुनावों में सीट बरकरार नहीं रख सकीं।
चुनाव लड़ने की किसी भी योजना से इंकार
उन्होंने 2016 में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ दी थी, लेकिन इसमें काफी हद तक निष्क्रिय रहीं। 2019 में, वह अपने बेटे निहार कपूर के साथ वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी की अगुवाई वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई। जयसुधा ने आंध्र प्रदेश के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों पर जोर दिया था, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव लड़ने की उनकी कोई योजना नहीं है।
 

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