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कार्यकर्ताओं से थरूर का वादा - बंद करूंगा एक लाइन की पंरपरा, क्षत्रपों को दूंगा बढ़ावा

G-23 ग्रुप के बागी रहे शशि थरूर ने आज नामांकन पत्र दाखिल कर दिया हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद से ही शशि थरूर पार्टी में अपना समर्थन हासिल करने के लिए लगातार नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। लेकिन अध्यक्ष बनने से पहले ही थरूर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ऐसा वादा किया जिससे कांग्रेस का हाईकमान उबल सकता हैंं।
कार्यकर्ताओं से थरूर का वादा -  बंद करूंगा एक लाइन की पंरपरा, क्षत्रपों को दूंगा बढ़ावा
G-23 ग्रुप के बागी रहे शशि थरूर ने आज नामांकन पत्र दाखिल कर दिया हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद से ही शशि थरूर पार्टी में अपना समर्थन हासिल करने के लिए लगातार नेताओं से संपर्क साध रहे हैं।  लेकिन अध्यक्ष बनने से पहले ही थरूर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ऐसा वादा किया जिससे कांग्रेस का हाईकमान उबल सकता हैंं।  शशि थरूर ने एक अखबार से बातचीत करते हुए कहा की वह पार्टी के सांगठनिक ढांचा बदलाव के साथ ही, एक लाइन वाले प्रस्ताव की पंरपरा को बंद कर दूंगा, इसके अलावा उन्होनें नेताओं को अपने ओर खींचने के लिए कहा की वह पार्टी में अच्छे जनाधार वाले नेताओं को बढ़ावा देंगे, जिससे पार्टी देश में अपनी खोई शक्ति को वापस पा सकें।  
बदलाव के लिए मेरा साथ दे, यथास्थिति बनांए रखना चाहते हैं खड़गे जी को जिताए
अपने अलग मिजाज के लिए जाने जाने वाले शशि थरूर अभी उसी तेवर में दिखाई पड़ रहे हैं। थरूर ने कहा कि अगर पार्टी में कार्यकर्ता बदलाव चाहते हैं तो वह उन्हें जिताएं अन्यथा वही पिछली वाली यथास्थिति को देखना चाहते हैं तो मल्लिकार्जुन खड़गे जी को जितांए। थरूर ने मल्लिकार्जुन को भीष्मपितामाह बोलकर भी कटाक्ष भी किया।   
थरूर ने पेश किया कांग्रेस को आगे बढ़ाने पैमाना
शशि थरूर अध्यक्ष बनने के बाद वह पार्टी को आगे कैसे बढाएंगे, इसके लिए उन्होनें अपना पैमाना भी दिखाया। शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस में उन लोगों को वापस लाने के लिए कदम उठाएंगे जो कभी पहले कांग्रेस में हुआ करते थे। हमें उन लोगों को ध्यान में रखना होगा, जिन्होंने पिछले दो चुनाव में भले ही कांग्रेस को वोट नहीं किया। लेकिन कभी करते थे और हिंदुत्ववादी नहीं हैं। थरूर ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि 2014 व 2019 में बीजेपी को वोट देने वाले लोग कट्टर हिंदुत्ववादी होंगे । लेकिन थरूर का मानना हैं कि विचारधारा से अलग भी एक अलग मुद्दों पर उन्होनें बीजेपी का समर्थन किया था ।
  आपको बता दे की शशि थरूर उस समूह का हिस्सा रहे हैं , जो कभी कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन की मांग को बुलंद कर रहे थे । लगातार चुनाव हारने क बाद से ही बागी गुट गांधी परिवार पर सवालिया निशान खड़े कर रहा था । लेकिन थरूर ने पार्टी को बढ़ाने का पैमाना कार्यकर्ताओं के सामने रख दिया हैं, जिसके बाद से ही लगातार उनके समर्थन होने की बात चल पड़ी हैं । दरअसल कांग्रेस में एक लाइन प्रस्ताव की परंपरा हैं , जो कि कांग्रेस नेतृत्व पर छोड़ दिया जाता हैं , यानि की आप अपना कोई मत पेश नहीं कर सकते हैं ।

 
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