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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का पार्थिव शरीर उनके सरकारी आवास पर लाया गया,आज होगा अंतिम संस्कार

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कल यानि सोमवर को दिल्ली में देहांत हो गया। प्रणब मुखर्जी का आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में इलाज चल रहा था।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का पार्थिव शरीर उनके सरकारी आवास पर लाया गया,आज होगा अंतिम संस्कार
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कल यानि सोमवर को दिल्ली में देहांत हो गया था। प्रणब मुखर्जी का आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में इलाज चल रहा था। प्रणव मुखर्जी 84 साल के थे। प्रणब मुखर्जी देश के तेरहवें राष्ट्रपति थे। प्रणब पिछले काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर केंद्र सरकार ने 7 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का पार्थिव शरीर उनके सरकारी आवास राजाजी मार्ग पर लाया गया। 
दिल्ली के लोधी श्मशान घाट दोपहर 2.30 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा। मुखर्जी भारत के एकमात्र ऐसे नेता थे जो देश के प्रधानमंत्री पद पर न रहते हुए भी आठ वर्षों तक लोकसभा के नेता रहे। वे 1980 से 1985 के बीच राज्यसभा में भी कांग्रेस पार्टी के नेता रहे।मुखर्जी जब 2012 में देश के राष्ट्रपति बने तो उस समय वे केंद्र सरकार के मंत्री के तौर पर कुल 39 मंत्री समूहों में से 24 का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। साल 2004 से 2012 के दौरान उन्होंने 95 मंत्री समूहों की अध्यक्षता की।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर केंद्र सरकार ने 7 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की


सत्ता के गलियारों में रहने के बावजूद मुखर्जी कभी अपनी जड़ों को नहीं भूले। यही वजह थी कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी दुर्गा पूजा के समय वह अपने गांव जरूर जाया करते थे। मंत्री और राष्ट्रपति रहते पारंपरिक धोती पहने पूजा करते उनकी तस्वीरें अक्सर लोगों का ध्यान आकर्षित करती थीं।राष्ट्रपति के रूप में भी उन्होंने एक अमिट छाप छोड़ी। इस दौरान उन्होंने दया याचिकाओं पर सख्त रुख अपनाया। उनके सम्मुख 34 दया याचिकाएं आईं और इनमें से 30 को उन्होंने खारिज कर दिया।

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