ब्रिटिश प्रधानमंत्री के कार्यालय ने जॉनसन पर लगे यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को किया खारिज

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कार्यालय ने इन आरोपों से इनकार किया है कि उन्होंने 20 साल पहले दो महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया था। पत्रकार शार्लोट एडवर्डस ने एक रिपोर्ट के लिए एक स्तंभ में लिखा है कि जॉनसन ने एक पार्टी में उनके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया था। उन्होंने कहा कि वह उस समय एक पत्रिका का संपादन कर रही थी और उस पार्टी का आयोजन उसी पत्रिका ने किया था। 

एडवर्डेस ने कहा कि रात्रिभोज के बाद उन्होंने एक अन्य महिला से इस बारे में बातचीत की और उस महिला का भी यही कहना था कि जॉनसन ने भी उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया था। जॉनसन के कार्यालय ने रविवार देर रात एक संक्षिप्त बयान जारी किया और कहा कि आरोप असत्य है। लेकिन एडवर्डस अपनी बात पर कायम रही। 

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अगर प्रधानमंत्री को वह घटना ठीक से याद नहीं है तो स्पष्ट रूप से उनकी तुलना में मेरी याददाश्त उनसे बेहतर है। यह आरोप उस समय प्रकाशित हुआ है जब जॉनसन की कंज़र्वेटिव पार्टी का सालाना सम्मेलन हो रहा है और पार्टी 31 अक्टूबर को यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के नियोजित तरीके से हटने पर विचार कर रही है। 

वामपंथ की ओर झुकाव वाले कई दैनिकों ने इस आरोप को अपने पहले पृष्ठों पर जगह दी और पार्टी की बैठक में चर्चा का विषय बन गया। डेली मिरर ने इसे ‘‘शक्ति का दुरुपयोग’’ बताया। दैनिक गार्डियन ने अपने पहले पृष्ठ लिखा कि प्रधानमंत्री आरोपों को इनकार करने के लिए बाध्य हुए। 

इससे पहले जॉनसन अमेरिकी उद्यमी जेनिफर अर्कुरी के आरोपों को लेकर जांच के घेरे में हैं। जेनिफर ने दावा किया था कि उसे लंदन में सरकारी खजाने से पैसे और भत्ते मिले थे और उस समय जॉनसन लंदन के मेयर थे। हालांकि जॉनसन ने कोई गलत काम करने से इनकार किया है। 

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