‘सरकारी अस्पतालों की क्षमता में होगा 120 फीसदी का इजाफा’

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में शुरू हुई दिल्ली के स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने की मुहिम के तहत सरकारी अस्पतालों की क्षमता में 120 फीसदी का इजाफा होगा। दिल्ली सरकार के 38 अस्पतालों में बेड की मौजूदा क्षमता 11,353 है, जो पहले 10 हजार के करीब थी। सरकार वर्तमान क्षमता के अलावा 13,899 बेड की क्षमता को और जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। 

दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रयास से सरकारी अस्पतालों की क्षमता में 120 फीसदी का इजाफा करेगी। इस दौरान कई नए अस्पताल बनेंगे और पुराने अस्पतालों को विस्तार किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए सरकारी कार्यक्रमों की स्थिति स्पष्ट करने वाली रिपोर्ट मंगलवार को मुख्यमंत्री को सौंपी है। 

मुख्यमंत्री ने दिल्ली में नए अस्पताल बनाने, मौजूदा अस्पतालों के विस्तार और मौजूदा अस्पतालों में स्पेशलाइज्ड ट्रीटमेंट संबंधी सुविधाएं जोड़ने से संबंधित स्वास्थ्य विभाग की योजना और इस दिशा में मौजूद संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी थी।

छह माह में 2800 बेडों वाले तीन नए अस्पताल हो जाएंगे शुरू 
रिपोर्ट में बताया गया है कि अगले छह महीने के 2800 बेड की क्षमता वाले तीन अस्पताल और चालू हो जाएंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं वाला द्वारका का इंदिरा गांधी अस्पताल, जिसकी क्षमता 1241 बेड की है। यह पश्चिमी दिल्ली की सबसे बड़ा अस्पताल होगा। इसके अलावा 772 और 600 बेड की क्षमता वाले दो अस्पताल बुराड़ी और अंबेडकर नगर में बहुत जल्द बनकर तैयार होने वाले हैं। 

मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार ये नए अस्पताल पूरी तरह से वातानुकूलित बनाए जा रहे हैं। वहीं चार नये अस्पताल सरिता विहार, मादीपुर, हस्तसाल और ज्वालापुरी में बनेंगे। इससे संबंधित रिपोर्ट आने वाले सप्ताह में एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) के सामने रखी जाएगी। 

इनके निर्माण का खाका पहले ही तैयार किया जा चुका है। इन अस्पतालों की कुल क्षमता 2200 बेड की होगी। इसके अलावा बिंदापुर और सिरसपुर में 100-100 बेड की क्षमता वाले अस्पताल को मंजूरी दी जा चुकी है और इससे संबंधित टेंडर प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू हो जाएगी।

15 अस्पतालों में 5,739 बेडों की बढ़ेगी क्षमता
रिपोर्ट में बताया गया है कि खिचड़ीपुर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में एक नया मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक बनेगा। इस अस्पताल में 460 बेड होंगे। इसको कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है और टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी दिल्ली सरकार के मौजूदा अस्पतालों में नये ब्लॉक बनाने का है। इससे मौजूदा अस्पतालों की क्षमता में काफी इजाफा होगा। मौजूदा 15 अस्पतालों में 5,739 बेडों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। वहीं इन मौजूदा अस्पतालों में जरूरी बदलाव करके उन्हें वातानुकूलित बनाया गया है।

दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार अभूतपूर्व : केजरीवाल
मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट मिलने के बाद कहा कि दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का ये विस्तार अभूतपूर्व है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के मामले में पूरी दुनिया में ये सबसे बड़ा कार्यक्रम है। अगर बेड की क्षमता के आधार पर कुल क्षमता में बढ़ोतरी देखें तो ये 122 फीसदी से भी अधिक है। लेकिन ये विस्तार केवल बेड की संख्या भर में नहीं है बल्कि मुहैया कराई जाने वाली बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं में भी भारी बढ़ोतरी है। 

सरकार को उम्मीद है कि 2023 तक सभी प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे। सभी नए अस्पताल और मौजूदा अस्पतालों में बन रहे नये ब्लॉक चालू हो जाएंगे। हमारा उद्देश्य दिल्ली के प्रत्येक सरकारी अस्पताल को केवल प्राइवेट अस्पतालों से बेहतर बनाना भर नहीं है बल्कि हम अपने सरकारी अस्पतालों को पूरे देश में सबसे बेहतरीन अस्पताल बनाना चाहते हैं।

200 नए मोहल्ला क्लीनिक अगले माह होंगे लॉन्च
मुख्यमंत्री को सौंपी रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि 200 मोहल्ला क्लीनिक इस साल अक्टूबर में लॉन्च होने के लिए तैयार हैं। इनके अलावा 200 अन्य मोहल्ला क्लीनिक दिसंबर में तैयार हो जाएंगे। जुलाई 2015 में पीरागढ़ी रिलीफ कैंप में पहला मोहल्ला क्लीनिक खुला था, तब से लेकर अब तक की अवधि में शहर के प्राइमरी हेल्थ केयर नेटवर्क में इजाफा इतिहास में सबसे इजाफा है। जुलाई 2015 से लेकर अब तक दिल्ली की मोहल्ला क्लीनिक में 1.6 करोड़ ओपीडी और 15.3 लाख टेस्ट हो चुके हैं।
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