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भारत के राज्यों के अधिकतम कर्ज की लागत 0.12 प्रतिशत बढ़कर 7.77 प्रतिशत

राज्यों के लिये बाजार से कर्ज जुटाने की औसत लागत सोमवार को 0.12 प्रतिशत बढ़कर 7.77 प्रतिशत पर पहुंच गयी। यह लगातार तीसरा सप्ताह है
भारत के राज्यों के अधिकतम कर्ज की लागत 0.12 प्रतिशत बढ़कर 7.77 प्रतिशत
देश के 29 राज्यों के लिए जुटानों के लिए बाजार से कर्ज बाजार से कर्ज जुटाने की औसत लागत सोमवार को 0.12 प्रतिशत बढ़कर 7.77 प्रतिशत व्यापक तौर से पहुंच गई। वहीं, तीसरे सप्ताह में यह पता चला है कि जब कर्ज लागत बढ़ी है और इसके साथ-साथ   तीन सप्ताह में कोष की लागत 0.31 प्रतिशत बढ़ी है। 
मिली जानकारी के मुतातबिक यह पता चला है कि  बॉन्ड की ताजा नीलामी में 10 राज्यों ने सोमवार को 19,500 करोड़ रुपये जुटाए थे। जबकि इस सप्ताह के लिये निर्धारित पूरी राशि जुटायी गयी।
कोनसे राज्य सबसे अधिक क़र्ज़ में डूबे हुए हैं? - Quora
वही,  इक्रा रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने औपचारिक तौर से प्रकट कहा कि कर्ज की भारांश औसत लागत  0.12 प्रतिशत बढ़कर 7.77 प्रतिशत रही जो पिछली नीलामी में 7.65 प्रतिशत थी। लेकिन परिस्थितियों के चलते  भारांश औसत अवधि 15 साल से घटकर 13 साल होने के बावजूद कर्ज लागत बढ़ी है। औऱ वहीं, 
लागत में वृद्धि से पहले, लगातार चार सप्ताह तक ब्याज दर घटी थी और 7.46 के निचले स्तर पर पहुंच गयी थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह कहा गया है कि  औसत कर्ज लागत बढ़ने का कारण अमेरिका में प्रतिभूतियों का प्रतिफल बढ़ना और पिछले शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

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