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भारत पहुंचा वियतनाम के समुद्र में मारे गए सिख नौजवान का पार्थिव शरीर, गांव में किया गया अंतिम संस्कार

मृतक के पिता जसवंत सिंह ने बिलखते हुए बताया कि लक्ष्मण सिंह ने समुद्री जहाज में नौकरी करने के लिए हैदराबाद से कोर्स किया था
भारत पहुंचा वियतनाम के समुद्र में मारे गए सिख नौजवान का पार्थिव शरीर, गांव में किया गया अंतिम संस्कार
लुधियाना-गुरदासपुर : पिछले दिनों वियतनाम में मर्चंट नेवी की  नौकरी करते  जिला गुरदासपुर के गांव दौलतपुर के रहने वाले अमृतधारी सिख नौजवान लक्ष्मण सिंह का कुछ  लोगों द्वारा कथित  तौर पर कत्ल कर  दिया गया था। उक्त नौजवान की  मृत देह वियतनाम से हवाई जहाज श्री गुरूरामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडा राजासांसी पहुंची, जहां लक्ष्मण सिंह की  मृत देह को उनके  पिता जसवंत सिंह व अन्य पारिवारिक सदस्यों  द्वारा प्राप्त की गई, जिसका  बाद में गांव में जाकर अंतिम संस्कार किया गया। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब के सीमावर्ती जिले गुरदासपुर स्थित ब्लाक कलानौर  के अंतरराष्ट्रीय सरहद पर बसे गांव दोसतपुर के 22 वर्षीय अमृतधारी सिख नौजवान लक्ष्मण सिंह की बीती 25 नवबंर को वियतनाम में संदिगध अवस्था की स्थिति में मौत हो गई थी, इसी मामले में मृतक  के पारिवारिक  वारिसों ने अपने जवान बेटे की मौत का कारण  नसली हमला बताया था। अब पीडि़त परिवार ने अपने पुत्र की  लाश पंजाब मंगवाने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह और गुरदासपुर से भाजपा लोक सभा सांसद सदस्य सन्नी देओल को खत लिखा था। 

मृतक के पिता जसवंत सिंह ने बिलखते हुए बताया कि लक्ष्मण सिंह ने समुद्री जहाज में नौकरी करने  के लिए हैदराबाद से कोर्स किया था और वह एक  एजेंट के माध्यम से 2 लाख 65 हजार रूपए देकर करीब 10 माह पहले वियतनाम गया था। जसवंत सिंह के मुताबिक़  बेटे की  मौत से एक  दिन पहले उनके  पुत्र ने उन्हें फोन करके कहा था कि उसके  साथी उसे अमृतधारी होने के कारण नसली फिकरे कसते हैं और उससे बुरा व्यवहार करते रहते हैं। जसवंत ने यह भी कहा कि उनकी लक्ष्मण सिंह के साथ 24 नवंबर को आखिरी बातचीत हुई थी तभी उसने बताया कि उसके साथी शराब पीकर  उससे बुरा व्यवहार करते हैं और सभी लोगों ने उस दौरान शराब पी हुई थी, ऐसा उसके  बेटे का कहना था। 

-सुनीलराय कामरेड
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