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कांवड़ियों के प्रवेश को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने मुजफ्फरनगर और शामली की सीमाएं सील की

कांवड़ियों के प्रवेश को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने मुजफ्फरनगर और शामली की सीमाएं सील की
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए इस साल होने वाली कांवड़ यात्रा को रद्द किया गया है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और शामली जिले के प्रशासन ने सोमवार को पड़ोसी राज्य उत्तराखंड और हरियाणा के साथ लगती सीमाएं बंद कर दी। 
भगवान शिव के भक्त श्रावण मास में हर साल कांवड़ यात्रा करते हैं। श्रद्धालु इस महीने में उत्तराखंड के हरिद्वार, गोमुखऔर बिहार के सुल्तानगंज से गंगा का पवित्र जल लाने के लिए जुटते हैं। इन श्रद्धालुओं को कांवड़िया कहा जाता है। 
अधिकारियों ने बताया कि मुजफ्फरनगर और शामली क्रमश: उत्तराखंड और हरियाणा से लगते हैं और कांवड़ियों को इन जिलों में प्रवेश करने से रोकने के लिए ऐसा किया गया है। 
मुजफ्फरगनर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग और उत्तराखंड की सीमा से लगते क्षेत्रों में 58 नाके लगाए गए हैं ताकि हरिद्वार की ओर जाने वाले कांवड़ियों को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इन कावड़ियों को हरिद्वार जाने नहीं दिया जाएगा। 

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अधिकारियों ने बताया कि शामली जिले में पुलिस ने पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर युमना पुल को बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि शामली और पानीपत के जिला अधिकारियों के बीच सोमवार को बैठक हुई और यह निर्णय लिया गया कि हरियाणा और राजस्थान से आ रहे कांवड़ियों को शामली में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। इस बैठक में दो जिलों के पुलिस अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था। 
पिछले महीने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने इस यात्रा को रद्द करने के लिए अपनी सहमति जताई थी। अधिकारियों के लगातार लोगों से हरिद्वार नहीं जाने की अपील के बाद भी ऐसी खबरें हैं कि कांवड़िये वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। 

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