कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत का 23 को आएगा सुखद परिणाम : तंवर

सिरसा : हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं सिरसा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि देश और प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिस कठोर परिश्रम और मजबूती से कार्य किया है, उसके परिणाम आगामी 23 मई को सुखद आएंगे और केंद्र में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में यूपीए की सरकार बनेगी।वे सोमवार को कांग्रेस भवन में सिरसा एवं कालांवाली हलके के बूथ एजेंटों एवं कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

डॉ. तंवर ने कहा कि चुनावों के बाद मतगणना में बूथ एजेंटों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रहती है और अपनी इसी महत्ती भूमिका का अनुसरण कांग्रेस के बूथ एजेंट 23 मई को भी करेंगे। उन्होंने न्यूज चैनल्स पर दिखाए जा रहे एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये एग्जिट पोल पहले भी गलत साबित हुए हैं और इस बार भी ये गलत ही साबित होंगे।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने पूरे देश में संसदीय चुनावों के दौरान सरकारी मशीनरी व खजाने का दुरूपयोग किया है मगर देश की जनता ने अपना आशीर्वाद कांग्रेस को ही दिया है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण 23 मई को नतीजों में साबित होगा। डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि हरियाणा में जहां इनेलो ने अपनी परंपराओं के मुताबिक कार्य करते हुए गुंडागर्दी को बढ़ावा दिया वहीं कांग्रेस ने सबका सम्मान और आत्मीयता से कार्य किया है जिसका परिणाम सफलता के रूप में प्रदर्शित होगा।

डॉ. तंवर ने दावा किया कि हर प्रदेश में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन कर रही है और सिरसा में भी कांग्रेस की बड़े मार्जिन से जीत होगी जिसका पूरा श्रेय कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत को जाएगा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पूरे हरियाणा में कांग्रेस के उम्मीदवार गंभीरता से चुनाव लड़े हैं और इसके आशातीत परिणाम आएंगे।

इस दौरान भाजपा पर बरसते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पूरे पांच साल तक भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने देश को भ्रम में रखने और झूठ बोलने का काम किया है, उसका बदला लोगोंं ने लिया है। देश में गरीबी, बेरोजगारी, महिला सम्मान, स्मार्ट सिटी, बुलेट ट्रेन, काला धन, सीमाओं की रक्षा सहित तमाम सारे मुद्दे हैं जिन पर भाजपा ने लोगों को गुमराह किया और पांच साल में उनका झूठ जनता के सामने आ गया। चुनावों में भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं था बल्कि केवल राष्ट्रवाद के नाम पर लोगों की भावनाएं भड़काकर वोट लेने की कोशिश की गई।

Download our app