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हरिद्वार में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार

भाई-बहन के पवित्र प्रेम का पर्व रक्षाबंधन का त्यौहार हरिद्वार सहित आसपास के इलाकों में बड़ी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सभी स्थानों पर लोगों ने इस पर्व के लिए खास तैयारियां की एक दिन पहले ही कर ली थी।
हरिद्वार में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार
हरिद्वार, संजय चौहान (पंजाब केसरी) : भाई-बहन के पवित्र प्रेम का पर्व रक्षाबंधन का त्यौहार हरिद्वार सहित आसपास के इलाकों में बड़ी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सभी स्थानों पर लोगों ने इस पर्व के लिए खास तैयारियां की एक दिन पहले ही कर ली थी। हरिद्वार सहित जिलेभर के सभी कस्बे एवं गांवों में रक्षाबंधन के पर्व पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर सुंदर-सुंदर राखी बांधी वहीं, भाईयों ने अपनी बहनों के आकर्षक उपहार भी उन्हें भेंट किए। सदियों से चली आ रही इस परम्परा के निर्वहन के लिए भाई-बहनों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
तीर्थनगरी में श्रावणी व रक्षा बंधन का पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शुक्ल यजुर्वेद ब्राह्मणों ने जहां श्रावणी उपाकर्म कर पर्व मनाया तो वहीं बहिनों ने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
बता दें कि रक्षा बंधन व श्रावणी पर्व मनाए जाने को लेकर कई दिनों से ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। कुछ लोग 11 अगस्त को तो कुछ 12 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व मनाने की बात कर रहे थे। इस मामले में ज्योतिषियों की राय भी अलग-अलग सामने आ रही थी। अलग-अलग राय और ज्योतिष गणना के बाद भी ऊहापोह की स्थिति बनी रही। कुछ लोगों ने गुरुवार को श्रावणी व रक्षा बंधन का पर्व मनाया तो कुछ लोग शुक्रवार को इस पर्व को मनाएंगे। प्रातः दस बजे के बाद रक्षा बंधन का पर्व मुहुर्त के मुताबिक मनाना शुरू हुआ। इस दौरान बहिनों ने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर जहां अपनी रक्षा का वचन लिया वहीं भाईयों ने बहिनों को उपहार आदि देकर उनकी रक्षा का वचन दिया।
पंचांग के अनुसार, सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हर साल रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। भाई- बहनों के लिए यह त्योहार बेहद खास होता है। इस साल ये तिथि दो दिनों में बंट रही है। साथ ही भद्रा का साया भी है। ऐसे में राखी बांधने की डेट और समय को लेकर दुविधा हो रही है। जानें कि आपको राखी 11 अगस्त को मनानी चाहिए या 12 अगस्त को। इस पर संशय की स्थिति बनी रही।
दो साल बाद कैदी भाईयो को जेल में बहनों ने बांधी राखी
जिला कारागार में गुरुवार को दो साल बाद रक्षा बंधन मनाया गया। दो साल से कोरोना के कारण जेल में रक्षा बंधन पर प्रतिबंध लगाया गया था। इस साल जिला कारागार में उत्साह से रक्षा बंधन मनाया गया। बड़ी संख्या में बहने अपने कैदी भाईयों को राखी बांधने हरिद्वार जिला कारागार पहुंची।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि आज जिला कारागार में बंद कैदियों को राखी बांधने के लिए उनकी बहनें सुबह से ही लंबी कतारों में लगकर जिला कारागार पहुंची। भाई-बहन के प्रेम के पवित्र त्योहार को जिला कारागार में भी धूमधाम से मनाया जा गया। जिसके लिए हमने मिठाइयां भी जिला कारागार में ही तैयार की हैं।
उन्होंने बताया इस बार जिला कारागार में बंद कैदी अपनी बहनों को शगुन के तौर पर तिरंगा भेंट कर रहे हैं। जिसके माध्यम वह अपने देश के प्रति अपने देशभक्ति प्रदर्शित कर रहे हैं।
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