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न्यायपालिका और आरबीआई, सीबीआई, ईडी जैसी एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करना चाहिए : बॉम्बे HC

बम्बई हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि न्यायपालिका और आरबीआई, सीबीआई तथा ईडी जैसी एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करना चाहिए।
न्यायपालिका और आरबीआई, सीबीआई, ईडी जैसी एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करना चाहिए : बॉम्बे HC
बम्बई हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि न्यायपालिका और आरबीआई, सीबीआई तथा ईडी जैसी एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करना चाहिए।
अदालत ने पूछा कि 2016 के एक कथित जमीन हड़पने के मामले में राकांपा नेता एकनाथ खडसे को कुछ दिनों के लिए अगर सख्त कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण दे दिया जाता है, तो क्या आसमान गिर जाएगा? न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पिटाले की खंडपीठ खडसे द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पिछले साल अक्टूबर में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को रद्द करने का अनुरोध किया गया है।
खडसे के वकील आबाद पोंडा ने अदालत से याचिका की सुनवाई लंबित होने तक राज्य के पूर्व राजस्व मंत्री को किसी भी सख्त कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण देने का अनुरोध किया। ईडी के वकील अनिल सिंह ने अदालत को बताया कि एजेंसी सोमवार (25 जनवरी) तक कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
पीठ ने यह जानने की कोशिश की कि ईडी केवल सोमवार तक संरक्षण प्रदान करने पर जोर क्यों दे रहा है। पीठ अब मामले की अगली सुनवाई सोमवार को करेगी। न्यायमूर्ति शिंदे ने कहा, अगर याचिकाकर्ता को कुछ और दिनों के लिए संरक्षण दिया जाता है, तो कौन सा आसमान गिरने वाला हैं? हम हमेशा से मानते हैं कि न्यायपालिका और आरबीआई, सीबीआई, ईडी जैसी एजेंसियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करना चाहिए।
अदालत ने कहा, अगर ये एजेंसियां ​​स्वतंत्र रूप से काम नहीं करती हैं तो लोकतंत्र के लिए खतरा है। गौरतलब है कि पिछले साल भाजपा छोड़कर राकांपा में शामिल होने वाले खडसे (68) कथित जमीन हड़पने के मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए इस साल 15 जनवरी को मुंबई में ईडी के सामने पेश हुए थे।
ईडी ने उनके खिलाफ समन जारी किया था। पीठ ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग कर रहा है और पूछताछ के लिए एजेंसी के समक्ष भी उपस्थित हुआ है। अदालत ने कहा, अगर कोई व्यक्ति जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है तो हम पूछते हैं कि ऐसे में गिरफ्तारी की क्या जरूरत है? ईडी ने आरोप लगाया कि खडसे ने 2016 में राज्य के राजस्व मंत्री के रूप में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह मामले में धन शोधन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
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