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मुख्यमंत्री गहलोत खेमे के विधायक बोले- पायलट मेरी बात मानते तो आज उनके पास 40-45 MLA होते

कांग्रेस के एक विधायक ने सचिन पायलट को राय देने वालों को ‘गलत ’लोग बताया और कहा कि पायलट ने जिन पर भरोसा किया वे सबसे पहले धक्का देने वाले लोगों में से हैं।
मुख्यमंत्री गहलोत खेमे के विधायक बोले- पायलट मेरी बात मानते तो आज उनके पास 40-45 MLA होते
कांग्रेस के एक विधायक ने सचिन पायलट को राय देने वालों को ‘गलत ’लोग बताया और कहा कि पायलट ने जिन पर भरोसा किया वे सबसे पहले धक्का देने वाले लोगों में से हैं। इन लोगों के लिए 'जयचंद' शब्द का इस्तेमाल करते हुए विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि इस सारे खेल के पीछे भाजपा का हाथ है।

कांग्रेस विधायक प्रशांत बैरवा ने बृहस्पतिवार को एक स्थानीय टीवी चैनल पर कहा,‘‘बेहतर यही होता कि वह (पायलट) हम जैसे लोगों की भी थोड़ी राय ले लेते। तो मैं समझता हूं वहां 19 लोग नहीं उनके वहां 40 लोग हो सकते थे 45 लोग हो सकते थे ... मगर हमसे उन्होंने ढंग से राय नहीं ली।’’

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व से नाराज होकर अलग हुए पायलट खेमे में कुल 19 विधायक हैं। कांग्रेस व अन्य समर्थक विधायक यहां जैसलमेर के एक होटल में रुके हैं जिनमें बैरवा भी शामिल हैं। बैरवा ने आगे कहा, ‘‘मुझे लगता है कि खेल को कोई और पलट रहा है।

उन (पायलट) की टीम बहुत बड़ी है उनको यही अंदाजा नहीं था। उन्होंने भरोसा जिन पर किया वे सबसे पहले धक्का देने वालों में से हैं ।’’ इसके साथ ही उन्होंने पायलट को राय देने वालों की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'जयचंद' करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘उनके शुभचिंतक यहां भी हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि हम कांग्रेस को वोट नहीं करेंगे हम सौ प्रतिशत कांग्रेस को वोट करेंगे। मगर धक्का देने वालों में से नहीं हैं। उन (पायलट) की टीम में जो रायचंद व रायबहादुर थे वे अब जयचंद हो गए हैं।’’

उन्होंने कहा,‘‘सौ प्रतिशत वहां पर एक दो रायचंद रायबहादुर थे , मैं उनका नाम नहीं लेना चाहूंगा ...लेकिन यह बात बिलकुल साफ करना चाहता हूं कि जो रायचंद रायबहादुर थे वे सबसे उन्हें पहले छोड़कर हमारे पास आएंगे।’’ बैरवा ने कहा कि ऐसे लोगों का एक दिन भंडाफोड़ हो जाएगा।

बैरवा ने आरोप लगाया कि विधायकों के असंतोष वाले इस सारे प्रकरण के पीछे भाजपा का हाथ है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का अगर हाथ नहीं होता तो पायलट खेमे के विधायक गुड़गांव में हरियाणा पुलिस के संरक्षण में नहीं होते। पर्दे के पीछे भाजपा वाले लोग हैं .. वे बागी विधायक वापस आना चाह रहे हैं हमारे पास लेकिन उन्हें रोक जा रहा है।’’
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