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Presidential Election 2022 : राष्ट्रपति चुनाव के बाद भी संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा - यशवंत सिन्हा

राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति चुनाव असाधारण परिस्थितियों में हो रहे हैं और चुनाव के बाद भी लोकतांत्रिक व संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।
Presidential Election 2022 : राष्ट्रपति चुनाव के बाद भी संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा - यशवंत सिन्हा
राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति चुनाव ‘‘असाधारण परिस्थितियों’’ में हो रहे हैं और चुनाव के बाद भी लोकतांत्रिक व संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।
अपने चुनाव अभियान के तहत हैदराबाद पहुंचे सिन्हा का यहां बेगमपेट हवाईअड्डे पर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भव्य स्वागत किया।
सिन्हा की उम्मीदवारी के समर्थन में टीआरएस द्वारा आयोजित एक बैठक में राव ने विधायकों से अपील की कि वे जमीर के आधार पर वोट करें और सिन्हा को विजयी बनाएं। उन्होंने कहा कि वीवी गिरि भी चेतना के आधार पर मतदान की अपील के कारण ही राष्ट्रपति चुने गये थे।
सिन्हा ने कहा कि चुनाव दो व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई है। इसके साथ ही उन्होंने नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन की उस रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया है, ‘‘राष्ट्र ध्वस्त हो रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम हर परिप्रेक्ष्य में अपने सामने सब कुछ ढहते देख रहे हैं।’’
राजग की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू की उम्मीदवारी का हवाला देते हुए सिन्हा ने कहा कि उनसे हमेशा यही पूछा जाता है और उनका जवाब रहा है कि आम सहमति बन सकती थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कभी भी ‘‘आम सहमति’’ में विश्वास नहीं किया, बल्कि केवल ‘‘टकराव’’ में यकीन किया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने फोन पर मोदी से संपर्क करने की कोशिश की। सिन्हा ने कहा कि हालांकि उन्हें सूचित किया गया कि प्रधानमंत्री उपलब्ध नहीं हैं और अब तक उनकी फोन कॉल का कोई जवाब नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि जब वह अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री थे, तो उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि प्रवर्तन निदेशालय का इस्तेमाल प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ किया जा सकता है।
निलंबित भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर उपजे विवाद के परिप्रेक्ष्य में शर्मा का नाम लिये बिना ही सिन्हा ने कहा कि उनके (शर्मा के) खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
सिन्हा ने समर्थन के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को धन्यवाद देते हुए कहा कि देश को राव जैसे नेताओं की जरूरत है। बैठक में मौजूद राव ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए सभी सांसदों और अन्य पात्र मतदाताओं से ‘‘अपने विवेक के अनुसार’’ मतदान करने की अपील की।
मोदी पर निशाना साधते हुए राव ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के विरोधियों को परेशान करने के लिए इस देश में हर रोज संवैधानिक संस्थाओं का घोर दुरुपयोग हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक भी चुनावी वादा पूरा नहीं किया गया। राव ने आरोप लगाया कि हैदराबाद में बैठे कुछ कैबिनेट मंत्रियों का कहना है कि वे टीआरएस सरकार को गिरा सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आप करिए। हम भी इसका इंतजार कर रहे हैं। ताकि हम आजाद हो जाएं। हम आपको दिल्ली से बाहर कर देंगे।’’
इससे पूर्व राव और उनके कुछ कैबिनेट सहयोगियों ने शनिवार दोपहर बेगमपेट हवाई अड्डे पर सिन्हा की अगवानी की।
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