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अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र के चक्कर में हैवानियत की हदें पार, गांव वालों ने दंपति के कुल्हाड़ी-गड़ासा से किये टुकड़े-टुकड़े

अंधविश्वास किस कदर लोगों पर हावी हो जाता इसके कई किस्से आपने सुने होंगे जो दिल दहला देने वाले होते है। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में तंत्र मन्त्र , झाड़-फूंक आदि के चक्कर में लोग ऐसे काम कर देते है जिनपर यकीन करना ही बेहद मुश्किल है।
अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र के चक्कर में हैवानियत की हदें पार, गांव वालों ने दंपति के कुल्हाड़ी-गड़ासा से किये टुकड़े-टुकड़े
अंधविश्वास किस कदर लोगों पर हावी हो जाता इसके कई किस्से आपने सुने होंगे जो दिल दहला देने वाले होते है। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में तंत्र मन्त्र , झाड़-फूंक आदि के चक्कर में लोग ऐसे काम कर देते है जिनपर यकीन करना ही बेहद मुश्किल है। हाल ही में बिहार में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने हैवानियत की साडी हदें पार की कर दी।   
बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र में तंत्र-मंत्र और ओझा-गुणी के चक्कर में बुधवार को गांव के ही लोगों ने पारंपरिक हथियारों से काटकर एक दंपति की हत्या कर दी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। 
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जमुआइन गांव के रहने वाले फकीरा भुइयां ओझा गुणी का काम करता था। इसी गांव के ही कुछ लोगों की तबियत खराब हुई और आरोप लगाया गया कि फकीरा के कारण ही इनलोगों की तबियत खराब हुई है। 
मंगलवार को इसी बात को लेकर गांव के लोगों और फकीरा के बीच जमकर झगडा हुआ, लेकिन रात को फिर दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इधर, आरोप है कि बुधवार की सुबह गांव के 10-12 लोग टांगी, गड़ासा व कुदाल से लैस होकर फकीरा के घर पहुंचे और फकीरा (62) और उसकी पत्नी पनवा देवी (55) की हत्या कर दी। 
मदनुपर के थाना प्रभारी आनंद कुमार गुप्ता ने आईएएनएस को बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है तथा पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया हत्या का कारण अंधविश्वास बताया जा रहा है। इस मामले में गांव के ही कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 
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