+

दिल्ली के सरदार पटेल कोविड देखभाल केंद्र में ऑक्सीजन की कमी नहीं है: आईटीबीपी

दिल्ली में जहां एक ओर ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है, तो वहीं, दूसरी ओर, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण दिल्ली में 500 बिस्तरों वाले कोविड-19 देखभाल केंद्र में ऑक्सीजन आपूर्ति सामान्य हो गई है और वहां मरीजों के लिए जीवनदायिनी गैस की कोई कमी नहीं है।
दिल्ली के सरदार पटेल कोविड देखभाल केंद्र में ऑक्सीजन की कमी नहीं है: आईटीबीपी
दिल्ली में जहां एक ओर ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है, तो वहीं, दूसरी ओर, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण दिल्ली में 500 बिस्तरों वाले कोविड-19 देखभाल केंद्र में ऑक्सीजन आपूर्ति ‘‘सामान्य’’ हो गई है और वहां मरीजों के लिए जीवनदायिनी गैस की कोई कमी नहीं है। 
यह पहली बार है जब दो हफ्ते पहले 26 अप्रैल को इस केंद्र के खुलने के बाद ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति होने की खबर आयी है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हालांकि केंद्र के लिए स्वीकृत 6.55 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन पूरी मात्रा में नहीं मिली है लेकिन कुछ ऑक्सीजन सांद्रक लगाकर और उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित भेल संयंत्र में एक ट्रक पर ऑक्सीजन सिलेंडरों को भरने के लिए भेजकर स्थिति में सुधार हो रहा है। 
दिल्ली सरकार का यह सरदार पटेल कोविड देखभाल केंद्र (एसपीसीसीसी) दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में राधा स्वामी व्यास डेरे में स्थित है और केंद्र सरकार ने इसे चलाने के लिए सीमा रक्षा बल के डॉक्टरों को तैनात किया है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने कहा, ‘‘केंद्र में ऑक्सीजन आपूर्ति सामान्य हो गई है और केंद्र में भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।’’ 
उन्होंने कहा, ‘‘जिला प्रशासन केंद्र में भर्ती मरीजों के लिए पर्याप्त मशीनें उपलब्ध करा रहा है।’’ आईटीबीपी ने पिछले हफ्ते एक बयान जारी कर कहा था कि केंद्र में ऑक्सीजन की कमी है और दिल्ली सरकार से ऑक्सीजन आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया गया है ताकि मरीजों को भर्ती करने की संख्या बढ़ायी जा सके। 
पांडे ने बताया कि अभी एसपीसीसीसी में कम से कम 400 मरीज भर्ती हैं। अभी तक केंद्र में 918 से अधिक मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘कई ऐसी घटनाएं रहीं जब कई मरीजों का ऑक्सीजन स्तर 60 से कम था लेकिन देखभाल के बाद उनमें से कई का ऑक्सीजन स्तर 80-90 पर आ गया।’’ 
पांडे ने कहा, ‘‘कम से कम 24 मरीजों को अपनी मर्जी से यहां से जाने के बाद केंद्र में फिर से भर्ती किया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बाद में जब उन्हें लगा कि एसपीसीसीसी में बेहतर देखभाल हो रही है तो उन्होंने फिर से भर्ती करने का अनुरोध किया।’’ 
इस बीच, एसपीसीसीसी को चलाने के लिए जिम्मेदार आईटीबीपी के महानिरीक्षक (आईजी) आनंद स्वरूप ने केंद्र का निरीक्षण किया और डॉक्टरों तथा अन्य कर्मचारियों के साथ वहां के इंतजामों का जायजा लिया। पांडे ने बताया कि आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी मरीजों से मिलने के लिए नियमित तौर पर केंद्र का दौरा कर रहे हैं। 
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जर्मनी द्वारा भेजा गया मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र इस केंद्र में लगाए जाने की उम्मीद है ताकि मरीजों के लिए गैस की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्र में 150 और वेंटीलेटर बिस्तर लगाने पर भी काम चल रहा है जिसकी हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंजूरी दी। 


facebook twitter instagram