इस मंदिर की तर्ज पर संसद भवन को बनाया गया है, यहां पर कभी होती थी तंत्र साधना

संसद में जाने का हर छोटे-बड़े नेता का सपना होता है और संसद को राजनीति का मंदिर भी कहा जाता है। लेकिन आपको शायद ही पता होगा कि एक मंदिर की तर्ज पर संसद भवन का निर्माण किया गया है।

इसी मंदिर की तह संसद भवन बिल्कुल दिखाई देता है लेकिन यह मंदिर आज गुमनाम हो गया है तो वहीं किसी भी सरकार और नेता को इस मंदिर को  सही करने का समय ही नहीं है।

ससंद भवन बना हुआ है इस मंदिर की तर्ज पर

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चौसठ योगिनी मंदिर की हम बात कर रहे हैं और संसद भवन का निर्माण इसी मंदिर की तर्ज पर किया गया है। अगर आप इस मंदिर में जाना चाहते हैं तो आपको टूटे-फूटे रास्तों से जाना पड़ेगा और इतना ही नहीं यहां तक जाने के लिए आपकी हालत भी एकदम खराब हो जाती है।

इस मंदिर का बिल्कुल भी ढंग से ख्याल नहीं रखा जा रहा है। इसके साथ ही इस मंदिर को ऐतिहासिक स्मारक भी घोषित कर दिया गया है लेकिन इसके बावजूद भी देश के किसी भी नेता या सरकार को इसकी कोई भी सुध नहीं है।

बता दें कि जब शिवराज सिंह चौहान की मध्यप्रदेश में सरकार थी उस समय भी इस मंदिर को अनदेखा किया गया था और अब जब कमलनाथ सरकार है तब भी इस मंदिर के रख-रखाव को अनदेखा किया जा रहा है। इस मंदिर की हालत खराब होती जा रही है। 1323 ई. में इस मंदिर का निर्माण क्षत्रिय राजाओं ने कराया था।

वृत्तीय क्षेत्र में इस मंदिर का निर्माण किया गया है। इस मंदिर में 64 कमरे हैं और हम कमरे में एक शिवलिंग स्थापित किया गया है तो वहीं इस मंदिर के बीच वाली जगह में बड़ा सा शिवलिंग स्थापित किया गया है। इस मंदिर के लगभग 101 खंभे हैं जिसपर यह मंदिर टिका हुआ है।

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