समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से तटीय क्षेत्रों में स्थित तीन प्रक्षेपण केंद्रों को खतरा : सस्मित पात्रा

राज्यसभा में बीजद के एक सदस्य ने जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के चलते समुद के जलस्तर में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए सोमवार को कहा कि इससे तटीय क्षेत्रों में स्थित तीन प्रक्षेपास्त्र एवं उपग्रह प्रक्षेपण स्थलों को खतरा हो सकता है और समय रहते इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। बीजद के सस्मित पात्रा ने शून्यकाल के दौरान उच्च सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि समुद्री जल स्तर में वृद्धि से खतरे के बारे में आगाह करते हुए अध्ययन सामने आ रहे हैं। हाल ही में एक अध्ययन में दावा किया गया है कि समुद्र के जल स्तर में 6.1 मिमी सालाना की दर से वृद्धि हो रही है जिससे तटीय शहरों को खतरा है। 

पात्रा ने कहा कि तटीय क्षेत्रों में स्थित तीन प्रक्षेपास्त्र एवं उपग्रह प्रक्षेपण स्थल हैं। ओडिशा के बालासोर में ए पी जे अब्दुल कलाम द्वीप है जिसे पहले व्हीलर द्वीप कहा जाता था। यहां एकीकृत परीक्षण रेंज मिसाइल प्रक्षेपण केंद्र है। उन्होंने कहा कि आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र है और केरल के तिरुवनंतपुरम के थुम्बा में ‘‘थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन’’ है। 

पात्रा ने कहा कि तीनों ही देश के महत्वपूर्ण प्रक्षेपण केंद्र हैं और तटीय क्षेत्र में स्थित हैं। उन्होंने कहा कि तीनों ही स्थान अत्यंत संवेदनशील हैं तथा किसी भी आपात स्थिति में इन्हें रातों-रात नहीं हटाया जा सकता। पात्रा ने मांग की कि समुद्र के जल स्तर में वृद्धि की वजह से इन केंद्रों पर आसन्न खतरे के बारे में समय रहते सोचा जाना चाहिए। विभिन्न दलों के सदस्यों ने पात्रा के इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया। 

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