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बिहार में सत्ता परिवर्तन के लिए आज कांग्रेस ने वर्चुअल बिहार क्रांति से किया आगाज: मंजुबाला पाठक

मंजूबाला पाठक ने रैली के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज बिहार की जनता त्रस्त है। राज्य में ना तो रोजगार है,ना शिक्षा है और ना व्यापार का कोई मॉडल है। अपराध और कमीशनखोरी ने बिहार प्रदेश को बदहाल कर दिया है। कोरोना और बाढ़ ने लोगो का जीवन तबाह कर दिया।
बिहार में सत्ता परिवर्तन के लिए आज कांग्रेस ने वर्चुअल बिहार क्रांति से किया आगाज: मंजुबाला पाठक
बेतिया : पश्चिमी चंपारण में कांग्रेस पार्टी की नेता मंजूबाला पाठक ने कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बिहार क्रांति वर्चुअल रैली में हिस्सा लिया। कांग्रेस ने "बोले बिहार,बदलो सरकार" ऑर कांग्रेस का नारा, समृद्ध हो बिहार हमारा की थीम पर बिहार क्रांति वर्चुअल रैली का आयोजन किया था। पूरे बिहार के सभी विधानसभाओं में रैली का आयोजन किया जाना है। इसी कड़ी में आज पश्चिमी चंपारण से इसकी शुरुआत हुई। 

मंजूबाला पाठक ने रैली के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज बिहार की जनता त्रस्त है। राज्य में ना तो रोजगार है,ना शिक्षा है और ना व्यापार का कोई मॉडल है। अपराध और कमीशनखोरी ने बिहार प्रदेश  को बदहाल कर दिया  है। कोरोना और बाढ़ ने लोगो का जीवन तबाह कर दिया। 

सरकार सोती रही, जनता ठगी का शिकार होती गई। पर अब कांग्रेस ने ठाना है कि ठगों से लोगों को मुक्त करना हैं।अब लोग इस सरकार से त्रस्त हो गए है। अब बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता है। कांग्रेस के विज़न को पत्रकारों के सामने रखते हुए उन्होंने कहा रोजगार,शिक्षा और महिला सम्मान कांग्रेस के सबसे बड़ी प्राथमिकताएं है। कांग्रेस आपसी सौहाद्र और बराबरी का हक पे विश्वास करती हैं। 

लोकतंत्र की मजबूती के लिए सबको आगे लाने का काम कांग्रेस ने किया है। इससे पहले मंजुबाला पाठक ने वर्चुअल बिहार क्रांति के लिए चंपारण के कार्यकर्ताओं और लोगों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि चंपारण के लोग विगत एक दशक से मेरे द्वारा किये गए कार्यों को देखा भी होगा जिसमें कांग्रेस की झलक दिखती है। फिर चाहे वो सबको साथ ले कर चलने की बात हो या गरीबों के समस्याओं के समाधान की बात हो। 

पूरे पश्चिमी चम्पारण में महिला सशक्तिकरण के लिए हमने अनेको काम किये है और आगे भी ये काम अनवरत चलते रहेंगे। हमने गांधी जी के स्वराज को आधार बना के दशकों तक मेहनत किया है। लोगों को पत्रकारों के माध्यम से संबोधित करते हुए पाठक ने कहा कि इस बार विधानसभा के चुनाव में उन्ही को वोट करें जिन्होंने लगातार आपकी सेवा की हो, आपके साथ खड़ा रहा हो। 

सत्ता की बागडोर अगर क़ाबिल हाथों में रहेगी तो युवाओ को रोजगार मिलेगा।गरीबो को शिक्षा मिलेगी और महिला सम्मान के साथ उनको सशक्त करने का काम किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं और लड़कियों से इस वर्चुअल अभियान में जोर शोर से जुड़ने की अपील की। उन्होंने सोनिया गांधी जी के हाथों को मजबूत करने की वकालत की। 

उन्होंने कहा महिलाओं को आगे आना ही होगा। अब समय आ गया है जब महिलाओं को समाज मे प्रतिष्ठा और सम्मान मिले। इस गिरती अर्थव्यवस्था को अगर संभालना है तो महिलाओं के हाथों को मजबूत करना ही होगा। ऐसा लगता है बिहार की राजनीति अब फिर अंगड़ाई ले रही है।ये सत्ता परिवर्तन की लहर है या सत्ता समर्थन की ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा। पर क्रांति के नाम से पश्चिमी चम्पारण विश्व विख्यात है और जिस भी क्रांति की शुरुआत पश्चिमी चंपारण से शुरू होती है वो अपने अंजाम तक जरूर पहुंचती है।

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