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सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच कल देश मनाएगा 75वां स्वतंत्रता दिवस, छावनी में तब्दील हुआ लालकिला

स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर लालकिले के प्रवेश द्वार पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाए जाने के अलावा चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस) वाले कैमरे लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच कल देश मनाएगा 75वां स्वतंत्रता दिवस, छावनी में तब्दील हुआ लालकिला
स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर लालकिले के प्रवेश द्वार पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाए जाने के अलावा चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस) वाले कैमरे लगाए गए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में लगभग सात हज़ार मेहमान शिरकत करेंगे। सोमवार को स्मारक के आसपास 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने ड्रोन व यूएवी आदि से किसी संभावित खतरे का मुकाबला करने के लिए लाल किला क्षेत्र में छतों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर 400 से अधिक पतंग या ''उड़ने वाली किसी भी वस्तु को पकड़ने वाले'' लोगों को तैनात किया है। तिरंगा फहराए जाने तक लाल किले के आसपास के पांच किलोमीटर के क्षेत्र को 'नो काइट फ्लाइंग जोन' के रूप में चिह्नित किया गया है। पुलिस ने बताया, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा 'ड्रोन रोधी प्रणाली' भी लगाई जा रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लाल किला परिसर में खाना, पानी की बोतलें, रिमोट से नियंत्रित कार की चाबियां, धूम्रपान का लाइटर, बक्से, हैंडबैग, कैमरा, दूरबीन, छाता और इसी तरह की वस्तुओं की अनुमति नहीं होगी।
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक के मुताबिक, दिल्ली में धारा-144 के प्रावधान पहले ही लागू कर दिए गए हैं। 13 अगस्त से 15 अगस्त तक लाल किले पर कार्यक्रम के अंत तक पतंग, गुब्बारे या चीनी लालटेन उड़ाते हुए पकड़े गए व्यक्ति को दंडित किया जाएगा। इसके अलावा, उत्तर, मध्य और नयी दिल्ली जिला इकाइयों में हवा में उड़ने वाली वस्तुओं पर निगरानी रखने के लिए लगभग एक हज़ार उच्च-विशिष्टता वाले कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये कैमरे स्मारक तक जाने वाले 'वीवीआईपी' मार्ग की निगरानी में भी मदद करेंगे।

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