'संसद के अंदर मुझे गालियां दी...', TMC सांसद काकोली घोष ने कल्याण बनर्जी पर लगाए आरोप, लोकसभा स्पीकर से की कार्रवाई की मांग
Kakoli Ghosh on Kalyan Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है। सत्ता बदलते ही TMC की बदहाली के दिन शुरू हो गए। पहले जो पार्टी के भीतर कलह चल रहे थे, अब वो खुलकर बाहर आने लगे हैं। कभी ममता बनर्जी की करीबी माने जाने वाली टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अब पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर TMC नेता कल्याण बनर्जी पर आरोप लगाकर उन पर कार्रवाई की मांग की है।
लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र
गुरुवार को TMC सांसद काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने TMC के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति मांगी है।
"महिला सांसदों से अपमानजनक व्यवहार करते हैं"
28 मई को लिखे इस पत्र में काकोली घोष ने आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा के अंदर उनके साथ दुर्व्यवहार किया और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी ने उन्हें गालियां भी दी हैं। TMC सांसद का कहना है कि उन्होंने न सिर्फ उनके प्रति ऐसा व्यवहार किया है, बल्कि कई अन्य महिला सांसदों के प्रति भी उनका व्यवहार अनुचित और अपमानजनक रहा है।
काकोली घोष ने अपने पत्र में लोकसभा स्पीकर से इस मामले में हस्तक्षेप करने और इस पर औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति देने और उचित कार्रवाई की मांग की है। इस घटनाक्रम ने TMC के अंदर चल रहे मतभेदों को सार्वजानिक कर दिया है।
TMC MP Kakoli Ghosh: ममता बनर्जी से नाराज थी काकोली घोष

काकोली घोष पिछले कुछ समय से TMC पार्टी से नाराज चल रही थी। दरअसल, पश्चिम बंगाल चुनाव में TMC की हार के कुछ ही दिनों बाद ममता बनर्जी ने काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा ‘चीफ व्हिप’ (मुख्य सचेतक) के पद से हटा दिया था। ममता बनर्जी ने यह जिम्मेदारी काकोली घोष से वापस लेकर कल्याण बनर्जी को सौंप दी थी। जिसके बाद से उनकी नाराजगी की खबरें आ रही थी। इसके बाद से पार्टी के भीतर आरोप-प्रत्यारोप और असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
Kakoli Ghosh News: केंद्र सरकार ने दी ‘वाई’ सिक्योरिटी
काकोली घोष को टीएमसी के चीफ व्हिप पद से हटाए जाने के कुछ ही घंटों के अंदर केंद्र सरकार ने ‘वाई’ (Y) श्रेणी की सुरक्षा मुहैया करा दी थी। केंद्र का यह कदम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि उसी दौरान अभिषेक बनर्जी समेत टीएमसी के कई बड़े नेताओं की सुरक्षा में कटौती की जा रही थी।

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