Explainer! बंगाल में सुवेंदु सरकार ने लागू किया Detect, Delete, Deportation प्रक्रिया शुरू, जानिए CAA की पूरी टाइमलाइन
What is Citizenship Amendment Act : बंगाल में सुवेंदु सरकार ने बुधवार से राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करने का फैसला किया है. इसके माध्यम से सरकार अवैध बंगलादेशी घुसपैठियों के खिलाफ तत्काल डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की.
घोषणा करते हुए सीएम सुवेंदु ने कहा कि पिछली सरकार ने CAA का विरोध किया था पर आज हम इसे लागू करने का कार कर रहे हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह फ्रेम वर्क का हिस्सा है जिसमें 'पता लगाओ, हटाओ और वापस भेजो को अपनाया जाएगा. यानी 'Detect, Delete and Deportion'.
Suvendu Adhikari on Illegal Immigrants : क्या कहा सुवेंदु ने-
CM सुवेंदु ने कहा नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के दायरे में आने वाले समुदाय नई व्य्व्यस्था से बाहर रहेंगे, जबकि घुसपैठियों के तौर पर पहचाने गए अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने इस मामले में राज्य सचिवालय नाबन्ना में कहा, 'केंद्र सरकार ने पिछले साल 14 मई को केंद्र सरकार ने राज्य को एक पात्र भेजा था, जिसमें घुसपैठियों को सीधे BSF के हवाले करने कि बात कही गई थी, लेकिन पिछली सरकार इस जरूरी प्रावधान को लागू करने में नाकाम रही, अब हमने इसे लागू कर दिया है.'
क्या है CAA?

बता दें CAA का पूरा नाम सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट है. इसे भारत की संसद ने 2019 में लागू किया था. इस कानून के अनुसार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए गैर मुस्लिम 6 धार्मिक समुदायों के लोगों, जिसमें हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं उन्हें नागरिकता की सुविधा देना है.
केंद्र सरकार की सितम्बर 2025 की अधिसूचना के अनुसार, जो लोग 31 दिसंबर 2024 तक भारत आ चुके हैं वे CAA के तहत नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. दिलचस्प यह कि ये लोग बिना वैध पासपोर्ट या डाक्यूमेंट्स के भी भारत में कानूनी रूप से रह सकते हैं.
Citizenship Application Process : CAA की पूरी टाइमलाइन

9 दिसंबर 2019 : नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA Bill) लोकसभा में पारित हुआ।.
11 दिसंबर 2019 : यह विधेयक राज्यसभा से भी पास हो गया.
12 दिसंबर 2019 : भारत के राष्ट्रपति ने विधेयक को मंजूरी दी, जिसके बाद यह आधिकारिक तौर पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) बन गया.
दिसंबर 2019 – मार्च 2020 : देशभर में CAA के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. कई जगहों पर धरने, प्रदर्शन और झड़पें देखने को मिलीं, जिनमें दिल्ली का शाहीन बाग आंदोलन प्रमुख रहा. इसके बाद कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के चलते धरने ख़त्म होने लगे.
11 मार्च 2024 : गृह मंत्रालय ने CAA लागू करने के लिए नियमों को अधिसूचित किया. इसके साथ ही पात्र लोगों के लिए नागरिकता आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई.
2024 से वर्तमान तक : CAA के लागू करने की प्रक्रिया जारी है. विभिन्न राज्यों और जिलों में नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करने के लिए जिला कलेक्टरों समेत संबंधित अधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं. वहीं, इस कानून को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी जारी है.
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