तीस हजारी झड़प के दौरान पुलिसवाले की पिस्तौल छीनने वाले दो वकीलों की पहचान हुई : दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो वकीलों की पहचान की है जिन्होंने कथित तौर पर वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के दौरान तीस हजारी अदालत परिसर में एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन ली थी। अधिकारियों ने रविवार को कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देश की वजह से हालांकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। अपराध शाखा दो नवंबर को हुई इस झड़प की जांच कर रहा है जिसमें 21 पुलिसकर्मी और कुछ वकील घायल हो गए थे जबकि 17 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई थी। 

अधिकारियों ने कहा कि शाम करीब चार बजकर 10 मिनट पर हुई इस घटना की सीसीटीवी फुटेज में तत्कालीन अतिरिक्त डीसीपी (उत्तर) हरेंदर सिंह के ऑपरेटर के तौर पर तैनात कांस्टेबल अमित की बुरी तरह पिटाई होते दिख रही है और इसमें उसकी 9 एमएम की सरकारी पिस्तौल छीने जाते हुए भी दिख रही है। उन्होंने कहा कि दो वकील उसकी बंदूक ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। नाम न जाहिर करने का अनुरोध करते हुए पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों वकीलों की पहचान हो चुकी है। 

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उन्होंने कहा, “हमने दोनों वकीलों की पहचान कर ली है जो झड़प के दौरान पुलिसकर्मी की पिस्तौल लूटने में शामिल थे। हालांकि, हम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते क्योंकि न्यायिक जांच जारी है और उच्च न्यायालय ने कहा है कि वकीलों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।” 

इस घटना के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश एस पी गर्ग द्वारा घटना की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिये थे। अदालत के निर्देश के बाद जांच लंबित रहने तक विशेष आयुक्त संजय सिंह, अतिरिक्त डीसीपी हरेंद्र सिंह का स्थानांतरण कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि किसी वकील के खिलाफ कोई “दंडात्मक कार्रवाई” नहीं की जाए। 

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