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उदयपुर हत्याकांड : सीसीटीवी कैमरा फुटेज से हत्याकांड में हुआ बड़ा खुलासा, गला रेत बाइक से भागे थे आरोपी

दावत ए इस्लामी के आतंकियों ने कन्हैयालाल की हत्या करने के बाद किस तरह वंहा से भागे इसका सीसीटीवी वीडीयो में बड़ा खुलासा हुआ हैं।पास की ही एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में आतंकी भागते हुए नजर आए हैं।
उदयपुर हत्याकांड : सीसीटीवी कैमरा फुटेज से हत्याकांड में हुआ बड़ा खुलासा, गला रेत  बाइक से भागे थे आरोपी
दावत ए इस्लामी के आतंकियों ने कन्हैयालाल की हत्या करने के बाद किस तरह वंहा से भागे इसका सीसीटीवी वीडीयो में बड़ा खुलासा हुआ हैं।पास की ही एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में आतंकी भागते हुए नजर आए हैं। कन्हैया की हत्या के बाद बाजार में भगदड़ जैसे हालात बन गए थे। हर कोई दहशत में यहां-वहां भागता दिख रहा है। वहीं, दुकानदार भी जल्दी-जल्दी समान समेटकर दुकान बंद करने लगता है। 
हत्या के बाद बाजार में मची चीख -पुकार  
उदयपुर के मालदास स्ट्रीट में 28 जून को कन्हैयालाल की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट की वजह से जिस समय रियाज और गौस ने कन्हैया की क्रूरता से हत्या की, बाजार में चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने को यहां-वहां भागने लगे। ईश्वर सिंह नाम का एक शख्स ही केवल कन्हैया की जान बचाने को आगे आया था। लोग एक दूसरे की जान बचाने के लिए भागते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ईश्वर सिंह को छोड़कर छोड़ कर कोई भी व्यक्ति कन्हैयालाल को बचाने के लिए आगे नही बढ़ा। जिसके बाद दोनों आतंकी घटनास्थल से तेजी के साथ भाग गए।  
हत्या करने के बाद एसके इंडस्ट्रीज पहुंचे थे आरोपी, फिर बाइक से अजमेर की ओर निकले
पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में भागते हुए आरोपियों के साथ बाजार में मची भगदड़ और दहशत भी कैद हुई है। आरोपी यहां से भागकर एसके इंडस्ट्रीज पहुंचे थे और यहां पर कबूलनामे वाला वीडियो बनाकर बाइक से अजमेर की ओर भाग निकले थे। दोनों को उसी दिन उदयपुर से करीब 160 किलोमीटर दूर राजसमंद के भीम में गिरफ्तार कर लिया था।
बाइक का लिया गया था  स्पेशल नंबर 
सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा हैैं कि हत्या की प्लानिंग काफी पहले से की जा रही थी। नूपुर शर्मा के बयान का इससे कोई ताल्लुकात नही नहैं। दोनों आतंकी पाकिस्तान के आका से जुड़े हुए थे। बताया जा रहा हैं गौस मोहम्मद का नाम का आतंकी 2015 में पाकिस्तान के कराची भी गया था।  वह दिल्ली मुंबई व कानपुर में होने वाली चरमपंथी बैठकों में हिस्सा लेता था। जांच में पता लगा हैं कि जिस बाइक से अजमेर भाग रहे थे आरोपी उस बाइक का स्पेशल नंबर लिया गया था । जिसको जिला वाहन अधिकारी ही आंवटित करता हैं। उन्होनें 26 \11 का  नंबर लिया था जिसका कनेक्शन मुंबई हमले से  भी मिलता हैं।    

 
 
 
 
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