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UN ने की अफगानिस्तान में हुई जातीय हिंसा की निंदा, यूएनएससी वक्तव्य में किया गया भारत की चिंता का जिक्र

यूएनएससी ने आईएसआईएस द्वारा अफगानिस्तान में मस्जिद पर किए गए नृशंस आतंकवादी हमले तथा संकटग्रस्त देश में धार्मिक संस्थानों पर हाल में किए गए अन्य हमलों की कड़ी निंदा की।
UN ने की अफगानिस्तान में हुई जातीय हिंसा की निंदा, यूएनएससी वक्तव्य में किया गया भारत की चिंता का जिक्र
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक (आईएसआईएस) द्वारा अफगानिस्तान में मस्जिद पर किए गए नृशंस आतंकवादी हमले तथा संकटग्रस्त देश में धार्मिक संस्थानों पर हाल में किए गए अन्य हमलों की कड़ी निंदा की। इस विषय में भारत ने जिन बातों का उल्लेख किया था, उनका बयान में विशेषतौर पर जिक्र किया गया। पंद्रह सदस्यीय यूएनएससी ने शनिवार को प्रेस वक्तव्य जारी किया जिसमें सदस्य देशों ने 8 अक्टूबर को अफगानिस्तान में हुए नृशंस एवं कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। 
इसमें कहा गया, ‘‘इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड लेवंट से संबंधित संगठन इस्लामिक स्टेट इन खुरासान प्रांत द्वारा किए गए हमले में 150 लोग मारे गए तथा बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए। मस्जिद पर हमले के बाद अफगानिस्तान में धार्मिक संस्थानों पर हाल में भी अन्य हमले हुए।’’ इस्लामिक स्टेट के आत्मघाती हमलावर ने शिया मस्जिद के भीतर हमला किया था। सूत्रों ने बताया कि भारत ने दो पहलुओं को लेकर मजबूत रूख जताया था जिसके चलते प्रेस वक्तव्य में इनका जिक्र किया गया। 
वक्तव्य में जातीय प्रकृति के आतंकवादी हमले का स्पष्ट जिक्र है। इसमें कहा गया कि न केवल अफगानिस्तान बल्कि पाकिस्तान में भी शिया समुदाय से जुड़े संस्थानों पर आतंकवादी हमले हो रहे हैं। भारत ने जिस दूसरे पहलू का पुरजोर तरीके से जिक्र किया था वह है अल्पसंख्यक धार्मिक संस्थानों पर हमले। सूत्रों ने बताया कि इन संदर्भों को हटाने, बदलने या इनका हल्के तरीके से जिक्र करने के प्रयासों को भारत ने अस्वीकार कर दिया और अपने दृढ़ रुख पर कायम रहा। 
उसने कहा कि हिंसा की जातीय प्रकृति और अन्य अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाए जाने की बात को वक्तव्य में शामिल किया जाना चाहिए। सूत्रों ने कहा कि भारत के रुख को स्वीकार किया गया और उसके बाद ही वक्तव्य जारी किया गया।
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