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भू माफिया द्वारा करोड़ों के रियासती राजमहल पर कब्जा करने की असफल कोशिश, पुलिस के दखल के बाद खूनी भिडंत टली, जमकर हुआ हंगामा

भू माफिया द्वारा करोड़ों के रियासती राजमहल पर कब्जा करने की असफल कोशिश, पुलिस के दखल के बाद खूनी भिडंत टली, जमकर हुआ हंगामा
लुधियाना-फरीदकोट : पंजाब के फरीदकोट स्थित रियासत की बहुकरोड़ी जायदाद आज एक बार फिर सुर्खियों में छा गई जब दोपहर 3 बजे भू माफियां के गुर्गो ने रियासती किले और राजमहल पर कब्जा करने की असफल कोशिश की। पुलिस ने समय पर सूचना पाते ही कब्जा करने वाले लोगों को गिरफतार कर लिया। भू माफियों को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। ट्रस्ट ने इस घटना को देखते ही किला मुबारक और राजमहल को अंदर से बंद कर दिया। 
प्राप्त जानकारी के मुताबिक फरीदकोट रियासत के अंतिम राजा हरिंदर सिंह बाजवा के वारिस को लेकर जारी विवाद ने आज नया मोड़ ले लिया। एक समूह के लोगों ने अपने साथियों को साथ लेकर राजमहल पर कब्जे की कोशिश की। मोके पर आएं कब्जाधारकों ने मोजूद तैनात गार्डों को जबरी बाहर निकाल दिया और फिर महल पर कब्जा करने की कोशिश की। इसके बाद मौक पर पुलिस पहुंच गई और कब्जा करने की कोशिश कर रहे लोगों को हटा दिया। इस घटना से माहौल गर्मा गया।
स्मरण रहे कि राजा हरिंदर सिंह कर 25 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियों को लेकर उनके घराने के दो समूहों के बीच घमासान मचा हुआ है। एक समूह पर जाली वसीयत बनाकर संपत्ति पर कब्जा करने को लेकर केस भी दर्ज किया गया है। अब इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) बनाई गई है।
राजमहल पर कब्जे की सूचना पर किले में अपने दफ्तर में काम कर रहे ट्रस्ट के वर्तमान सीईओ बीएसएफ से सेवानिवृत डीआईजी जांगीर सिंह भी मौके पर पहुंचे, जांगीर सिंह ने डीएसपी सतविंदर सिंह विक्र को बताया कि कोर्ट ने भले ही इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है, परंतु अब भी रियासत की सम्मत्ति पर ट्रस्ट का कब्जा है, और कोर्ट ने अभी दूसरे पक्षों को कब्जा नहीं दिया है। जांगीर सिंह की बात सुनने के उपरांत डीएसपी ने उन्हें थाना सिटी फरीदकोट पहुंच कर अपनी शिकायत दर्ज करवाने को कहा। कब्जा करने वालों का संबंध चंडीगढ़ सेक्टर 11 निवासी राजकुमारी अमृतपाल कौर से बताया जा रहा है।

- सुनीलराय कामरेड
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