UP : चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कहा, वाराणसी और आसपास के जिलों में चिकित्सा सुविधाएं बढायी जाएंगी

उत्तर प्रदेश : चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ रजनीश दुबे ने वाराणसी तथा इसके आसपास जिलों में चिकित्सा व्यवस्था में लगातार सुधार करने का दावा करते हुए शुक्रवार को कहा कि आने वाले समय में लोगों को और भी बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। 

वाराणसी के जिले के नोडल अधिकारी डॉ दुबे ने श्री शिव प्रसाद गुप्त मण्डलीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण के बाद संवाददाताओं को बताया कि जनता को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। लापरवाही करने वाले डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बर्दास्त नहीं की जाएगी। 

प्रमुख सचिव ने निरीक्षण के दौरान दो वार्डों में क्षतिग्रस्त छत को लोक निर्माण विभाग से इसका सर्वे कराकर स्टीमेट तैयार कराए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि शीघ, ही इसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। उन्होंने मच्छरों से बचाव के लिए खिड़कियों में जालियां लगाने का निर्देश दिया। 

उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर वार्ता कर अगले छह माह के भीतर मंडल अस्पताल में 10 बेड के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) की व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल में जरूरत के अनुसार डॉक्टर एवं पैरामेडिकल कर्मियों की कमियों को शीघ, ही दूर किया जाएगा तथा जरूरत के अनुसार पद सृजित किये जाएंगे। वर्तमान में तीन डायलिसिस मशीन को नाकाफी बताते हुए प्रमुख सचिव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सात अतिरिक्त डायलिसिस मशीन लगाये जाने का प्रस्ताव शीघ, ही शासन को भेजे जाने का निर्देश दिया। 

आकस्मिक वार्ड में संक्षण एवं ऑक्सीजन लाइनें क्षतिग्रस्त होने एवं क्रियाशील नहीं होने की जानकारी पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि संक्षण एवं ऑक्सीजन लाइन के लिए नई परियोजना स्वीकृत हो चुकी है। प्रमुख सचिव ने 31 अक्टूबर तक इस नई प्रणाली को पूरी तरह क्रियाशील किए जाने का निर्देश दिया। 

डॉ दुबे ने बताया कि चिकित्सा सुविधा को और बेहतर बनाए जाने की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके तहत मिर्जापुर एवं गाजीपुर के जिला चिकित्सालय को अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज बनाये जानकी प्रक्रिया चल रही है। दोनों जिलों में वर्ष 2021 से एमबीबीएस का पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। जौनपुर में अगले वर्ष 2020 में नया चिकित्सालय बनाकर एमबीबीएस का पाठ्यक्रम शुरू होगा। चंदौली जिले में मिडिकल कॉलेज का भी डीपीआर एक माह के अंदर सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना में कुछ कम प्रगति हुई है। इस काम में तेजी लाने का निर्देश दिये गए हैं। 

डॉ दुबे ने कहा कि शासन के निर्देश पर अब मरीज के साथ एक तीमारदार को भी अस्पताल से भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। मंडलीय अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता अच्छी है। इसमें सुधार के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया। यहां पर इस योजना को तुरंत लागू करने को कहा गया है। अन्य जिलों के अस्पताल में भी जल्द ही इस योजना को जमीन पर उतारा जायेगा। 

अस्पताल के अलावा प्रमुख सचिव ने प्राथमिक विद्यालय, घोसाबाद का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किए जाने के लिए मौके पर विद्यालय के अध्यापक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने अध्यापकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराए जाने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर वी बी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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