फाइटर पायलट से राम मंदिर के CEO तक, जानें कैसा रहा जितेंद्र मिश्रा का अयोध्या पहुंचने का सफर?
Jitendra Mishra Ram Mandir CEO: राम मंदिर को अपना CEO मिल गया है। दरअसल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अयोध्या स्थित राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक का अनुभव रखने वाले जितेंद्र मिश्रा ने सैन्य सेवा के दौरान कई बड़ी जिम्मेदारियां संभाली हैं। अब उनके अनुभव का इस्तेमाल राम मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को व्यवस्थित करने में किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर बेहद लंबा और खास रहा है। फाइटर पायलट के तौर पर सेवा शुरू करने के बाद उन्होंने कमांड, ऑपरेशनल प्लानिंग और प्रशासन से जुड़े कई अहम पदों पर काम किया। वह वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख भी रह चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण सैन्य कमान संभाली थी।
1986 में फाइटर स्ट्रीम से शुरू हुआ सफर
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ अपने सैन्य करियर को आगे बढ़ाया। वह फाइटर कॉम्बैट लीडर और टेस्ट पायलट के रूप में भी काम कर चुके हैं। लंबे सैन्य अनुभव के दौरान उन्हें ऑपरेशनल प्लानिंग और बड़े कमांड ढांचे को संभालने का मौका मिला। इस वजह से उन्हें वायुसेना के अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता रहा है।
जितेंद्र मिश्रा ने 1 जनवरी 2025 को भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला था। वेस्टर्न एयर कमांड वायुसेना की प्रमुख ऑपरेशनल कमांड में शामिल है। इस कमांड की जिम्मेदारी देश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में हवाई सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण तैयारियों पर रहती है। ऐसे बड़े सैन्य ढांचे का नेतृत्व करने से जितेंद्र मिश्रा को रणनीतिक योजना, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन का व्यापक अनुभव मिला।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी संभाली कमान
ऑपरेशन सिंदूर के समय जितेंद्र मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान पश्चिमी सीमा पर हवाई अभियानों और एयर डिफेंस से जुड़ी तैयारियों में उनकी कमांड की अहम भूमिका रही। ऑपरेशन के बाद उन्होंने भारत की एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर भी कई बातें शेयर की थीं। खास तौर पर S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका को लेकर उनका बयान काफी चर्चा में रहा।
जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव बताते हुए कहा था कि S-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को भारतीय सीमा के नजदीक आने से रोकने में खास भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, इस एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती और उसकी क्षमता ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। उन्होंने यह दावा भी किया था कि S-400 की तैनाती का पता लगाने के लिए पाकिस्तान ने भारत के भीतर जासूसी नेटवर्क और स्लीपर सेल का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी।
अब राम मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी
भारतीय वायुसेना में लंबी सेवा और बड़े ऑपरेशनल ढांचे संभालने के बाद अब एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नई जिम्मेदारी अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ गई है। राम मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और बड़े स्तर पर होने वाली व्यवस्थाओं को देखते हुए प्रशासनिक अनुभव वाले अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पहले CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा के सामने मंदिर से जुड़े प्रशासन, प्रबंधन और विभिन्न व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी। सैन्य सेवा के दौरान हासिल किया उनका अनुशासन, नेतृत्व और बड़े सिस्टम को संभालने का अनुभव अब राम मंदिर के प्रबंधन में काम आ सकता है।
CEO की टीम में 7 अधिकारियों की हो सकती है नियुक्ति
सीईओ की टीम में करीब सात अधिकारियों की नियुक्ति किए जाने की संभावना है। इनमें प्रशासन और नेतृत्व, सुरक्षा, वित्त और इंजीनियरिंग जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा टीम में एक अतिरिक्त सीईओ और एक कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति भी हो सकती है।
इन पदों के लिए उन्हीं 15 उम्मीदवारों में से अधिकारियों का चयन किया जा सकता है, जो सीईओ पद की चयन प्रक्रिया के आखिरी दौर तक पहुंचे थे। इस सूची में रिटायर्ड आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ पूर्व पीसीएस अधिकारी और अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर भी शामिल हैं। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी राजेश पांडे का नाम भी सीईओ पद के लिए विचार किए गए उम्मीदवारों में शामिल रहा है।
यह भी पढ़ें: लखनऊ में भारी बारिश के बाद हुआ 10 फीट गहरा गड्ढा, बाइक समेत गिरा युवक

Join Channel