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उपचुनावों के संकेतों के बीच 2027 से पहले बागपत-बड़ौत में भाजपा टिकट की दौड़ तेज

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बागपत और बड़ौत सीटों पर भाजपा टिकट की होड़ तेज हो गई है। दावेदार क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाकर मौजूदा विधायकों की घेराबंदी में जुट गए हैं।
07:26 PM Aug 03, 2026 IST | Rohit Singh
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बागपत और बड़ौत सीटों पर भाजपा टिकट की होड़ तेज हो गई है। दावेदार क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाकर मौजूदा विधायकों की घेराबंदी में जुट गए हैं।
उपचुनावों के संकेतों के बीच 2027 से पहले बागपत बड़ौत में भाजपा टिकट की दौड़ तेज

Baghpat Baraut BJP Ticket Race 2027 : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की घोषणा में अभी समय है, लेकिन बागपत और बड़ौत विधानसभा सीटों पर भाजपा टिकट को लेकर सियासी हलचल अभी से तेज हो गई है। चुनाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसके बावजूद कई नेता क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ाकर संगठन और जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में लगातार भागीदारी के जरिए टिकट की दावेदारी मजबूत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

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उपचुनावों के संकेतों से बदला गणित

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के उपचुनावों ने यह संकेत दिया है कि टिकट वितरण में केवल दावेदारी नहीं, बल्कि जनाधार, संगठन के प्रति निष्ठा, कार्यकर्ताओं में स्वीकार्यता और जीत की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है।
बागपत और बड़ौत विधानसभा सीटों पर कई नए चेहरे टिकट की दौड़ में सक्रिय बताए जा रहे हैं।

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वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि कुछ ऐसे नेता भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं, जिनको लेकर पहले भी विवाद और आरोपों की चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि इन मामलों की वास्तविक स्थिति संबंधित एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

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मौजूदा विधायकों की घेराबंदी और भाजपा का रुख

इधर, यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि मौजूदा विधायक केपी मलिक और योगेश धामा का टिकट कटवाने के लिए कुछ दावेदार पूरी ताकत से अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा रहे हैं। हालांकि भाजपा की ओर से अभी किसी भी सीट के लिए उम्मीदवार को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा 2027 में एक बार फिर अपने जीताऊ चेहरों पर भरोसा जताएगी या नए चेहरों पर दांव लगाएगी। इसका जवाब आने वाले समय में संगठन की रणनीति और टिकट वितरण से साफ होगा।

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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