संघर्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रतीक थे लाला जगत नारायण: नीरज तिवारी
Uttar Pradesh: प्रेस क्लब सुल्तानपुर में बुधवार को वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी लाला जगत नारायण की 45वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस मौके पर पत्रकारों और शहर के कई गणमान्य लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने लाला जगत नारायण के पत्रकारिता जीवन और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि लाला जगत नारायण ने पत्रकारिता को सिर्फ खबरों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे आम लोगों की समस्याओं और अधिकारों की आवाज बनाने का काम किया। समाज के कमजोर, पीड़ित और वंचित लोगों की समस्याओं को सामने लाने में उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वक्ताओं ने कहा कि उस दौर में पत्रकारिता करना आसान नहीं था। कई तरह की चुनौतियों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लाला जगत नारायण अपने सिद्धांतों पर मजबूती से कायम रहे। उन्होंने कभी दबाव के आगे झुकने के बजाय सच और जनहित को प्राथमिकता दी।
निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता को किया याद

कार्यक्रम में नीरज तिवारी, रामानंद, ललित शुक्ला, कृतेश और शरद ने अपने विचार रखे। नीरज तिवारी ने कहा कि लाला जगत नारायण संघर्ष, सामाजिक सरोकार और बेबाक पत्रकारिता की मिसाल थे। उनके जीवन से आज के पत्रकारों को भी सीख लेने की जरूरत है।
वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल घटनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं को सामने लाना भी है। लाला जगत नारायण ने अपने काम के जरिए इसी सोच को मजबूत किया। उन्होंने कठिन समय में भी अपनी लेखनी की स्वतंत्रता और निष्पक्षता से समझौता नहीं किया।
सिद्धांतों पर चलने का आह्वान
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि आज के समय में लाला जगत नारायण के पत्रकारिता मूल्यों को याद करना और भी जरूरी है। उनके जीवन से ईमानदारी, साहस और जनहित के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा मिलती है।
वक्ताओं ने पत्रकारों से अपील की कि वे समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएं और अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी के साथ निभाएं। उन्होंने कहा कि लाला जगत नारायण की विरासत को आगे बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि पत्रकारिता को जनहित से जोड़कर रखा जाए।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पत्रकारों और गणमान्य लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर लाला जगत नारायण को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया गया।
श्रद्धांजलि सभा में रामराज पाण्डेय, ओमप्रकाश वर्मा, ज्ञानेंद्र, धर्मेंद्र तिवारी, दीप सिंह, कर्मवीर समेत दर्जनों पत्रकार और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने लाला जगत नारायण के आदर्शों और पत्रकारिता के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणा
लाला जगत नारायण का जीवन पत्रकारिता में साहस, सामाजिक जिम्मेदारी और जनहित के महत्व को दर्शाता है। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों के पत्रकारों के लिए भी प्रेरणा बने रहेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य उनके योगदान को याद करने के साथ-साथ पत्रकारिता में सत्य, निष्पक्षता और जनसरोकारों की भूमिका को मजबूत करने का संदेश देना भी रहा।
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