रामनगर से सैलानियों की जान खतरे में डालने वाला VIDEO वायरल! टाइगर की मांद में ले गया चालक, वन विभाग ने लिया एक्शन
Corbett Tiger Reserve BJP Leader Video: उत्तराखंड के रामनगर में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (Jim Corbett National Park) से जुड़े फाटो पर्यटन जोन में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक नया मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद वन विभाग ने एक जिप्सी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस घटना ने एक बार फिर जंगल सफारी के दौरान नियमों के पालन और वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा नेता मदन जोशी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक जिप्सी गाड़ी (Tiger Near Gypsy) जंगल में मौजूद टाइगर के काफी करीब पहुंच जाती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इस पर चिंता जताई और वन विभाग से कार्रवाई की मांग की। मदन जोशी ने कहा कि कुछ चालक पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देने के लिए नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इससे न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामलों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
Driver banned indefinitely after jeep caught dangerously close to tiger in Corbett’s Phato zone.
BJP leader Madan Joshi posted a video showing a gypsy vehicle passing within alarming proximity of a tiger inside the Phato tourism zone. The driver was clearly flouting safety norms… pic.twitter.com/nz3ldwl0ue
— Kumaon Jagran (@KumaonJagran) June 13, 2026
पर्यटन और रोजगार पर भी पड़ सकता है असर
मदन जोशी ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि कॉर्बेट के विभिन्न फाटो पर्यटन जोन को विकसित करने में वर्षों की मेहनत लगी है। इन पर्यटन क्षेत्रों के कारण आसपास के लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की लापरवाही पूरे पर्यटन तंत्र की छवि खराब कर सकती है। यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो इसका नकारात्मक असर पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण दोनों पर पड़ सकता है। उन्होंने दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
Forest Department Action: जांच के बाद चालक पर लगा बैन

वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) तराई पश्चिमी वन प्रभाग, प्रकाश चंद्र आर्य ने संबंधित जिप्सी चालक के खिलाफ कार्रवाई की। वन विभाग ने चालक को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के सभी फाटो पर्यटन जोनों में प्रवेश करने से अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इसका मतलब है कि अब वह चालक इन पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों को सफारी नहीं करा सकेगा।
वन विभाग का कहना है कि जंगल सफारी के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी वाहन चालक या गाइड को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति जानवरों के बहुत करीब जाने या उनके प्राकृतिक व्यवहार में बाधा डालने की कोशिश करता है तो इसे गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्यटकों को वन्यजीव दिखाने के नाम पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिप्सी चालकों और गाइडों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने किया फैसले का स्वागत

वन विभाग की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि जंगल में रहने वाले जानवरों की सुरक्षा के लिए ऐसे कदम बेहद जरूरी हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होती रहेगी तो वन्यजीवों का संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सकेगा और पर्यटन की छवि भी सुरक्षित रहेगी।
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