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उत्तरकाशी में बारिश के बाद गंगोत्री हाईवे का 70 मीटर हिस्सा धंसा, कांवड़ यात्रियों समेत कई गाड़ियां रास्ते में फंसी

Gangotri Highway Collapse: उत्तरकाशी में रविवार रात हुई बारिश के बाद पापड़गाड के पास गंगोत्री हाईवे का करीब 70 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे सड़क पर दरारें पड़ गईं। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बीआरओ ने मिट्टी भरकर मार्ग बहाल किया, लेकिन लगातार बारिश के बीच दोबारा भू-धंसाव का खतरा बना हुआ है।
06:26 PM Aug 03, 2026 IST | Amit Kumar
Gangotri Highway Collapse: उत्तरकाशी में रविवार रात हुई बारिश के बाद पापड़गाड के पास गंगोत्री हाईवे का करीब 70 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे सड़क पर दरारें पड़ गईं। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बीआरओ ने मिट्टी भरकर मार्ग बहाल किया, लेकिन लगातार बारिश के बीच दोबारा भू-धंसाव का खतरा बना हुआ है।
उत्तरकाशी में बारिश के बाद गंगोत्री हाईवे का 70 मीटर हिस्सा धंसा  कांवड़ यात्रियों समेत कई गाड़ियां रास्ते में फंसी
Gangotri Highway Collapse ( credit social media )

Gangotri Highway Collapse: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां  रविवार रात हुई तेज बारिश के कारण गंगोत्री हाईवे पर पापड़गाड के पास एक बड़ा हिस्सा धंस गया।  करीब 70 मीटर लंबा हिस्सा प्रभावित होने से सड़क पर कई जगह दरारें पड़ गईं। इसके चलते सुबह के समय करीब दो घंटे तक गाड़ियों  की आवाजाही बाधित रही। सूचना मिलने के बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर पहुंची और अस्थायी मरम्मत कर ट्रैफिक  बहाल कराया।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  ऐसे में  सुरक्षा को देखते हुए  सुबह लगभग 6 बजे से 8 बजे तक भारी गाड़ियों  का संचालन रोक दिया गया। इस दौरान गंगोत्री धाम की ओर जा रहे कई कांवड़ यात्री और अन्य गाड़ियां भी रास्ते में फंस गई।  BRO ने सड़क पर मिट्टी डालकर क्षतिग्रस्त हिस्से को अस्थायी रूप से ठीक किया, जिसके बाद सभी प्रकार की गाड़ियों  को धीरे-धीरे गुजरने की अनुमति दी गई।

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पहले से भू-धंसाव की चपेट में है यह इलाका

भटवाड़ी से लेकर हेल्गूगाड तक का गंगोत्री हाईवे लंबे समय से भू-धंसाव की समस्या से जूझ रहा है। साल  2010 में भी भटवाड़ी बाजार के पास सड़क में बड़ी दरारें आ गई थीं। उस समय कई दुकानों और व्यावसायिक भवनों को भी नुकसान पहुंचा था। इतने सालों  बाद भी यह क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाया है और हर बारिश के मौसम में यहां खतरा बना रहता है।

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बता दें कि क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए कुछ जगहों पर केवल औपचारिक काम किया गया है। उनका आरोप है कि घोड़ाला और पापड़गाड के पास मिट्टी के ऊपर वायरक्रेट लगाकर काम पूरा दिखा दिया गया, लेकिन भागीरथी नदी की ओर हो रहे कटाव को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा कार्य नहीं किए गए। इसी वजह से सड़क के धंसने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

BRO ने क्या कहा

स्थानीय लोगों के अनुसार पापड़गाड क्षेत्र में अधिक मात्रा में मलबा आने से भागीरथी नदी का बहाव हाईवे की तरफ मुड़ गया है। नदी के लगातार कटाव के कारण सड़क की नींव कमजोर होती जा रही है, जिससे बारिश के समय भू-धंसाव की घटनाएं बढ़ रही हैं। बीआरओ के ऑफिसर कमांडिंग सुमित वर्मा ने बताया कि फिलहाल सड़क पर मिट्टी भरकर यातायात सामान्य किया गया है। अगर  स्थिति और बिगड़ती है तो पहाड़ी की ओर से कटिंग कर सड़क को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस स्थान के स्थायी समाधान के लिए THDC ने सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएंगे।

फिलहाल हाईवे पर आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन लगातार बारिश होने पर फिर से सड़क धंसने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन और BRO की टीम हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

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अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।

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