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उत्तराखंड में खत्म होने जा रहा 'मदरसा बोर्ड'; 1 जुलाई से USAME के दायरे में करेंगे काम

03:01 PM Jun 26, 2026 IST | Rohit Singh
उत्तराखंड में खत्म होने जा रहा  मदरसा बोर्ड   1 जुलाई से usame के दायरे में करेंगे काम
source : social media

उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सूबे में अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बहुत बड़ा और प्रशासनिक फेरबदल करने का एलान किया है। आने वाली 1 जुलाई 2026 से राज्य में पहले से चल रहा मदरसा बोर्ड (Uttarakhand ends Madarsa Board System) पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

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इसकी जगह अब प्रदेश के तमाम माइनोरिटी एजुकेशन इंस्टीट्यूशन और मदरसे एक नई एकीकृत संस्था के दायरे में काम करेंगे, जिसका नाम 'उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' (USAME) रखा गया है।

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Uttarakhand Board System : UBSE से लेनी एफ्लिएशन

शासन ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि इस नए फैसले का मतलब राज्य के मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद करना बिल्कुल नहीं है। वर्तमान में सूबे में चल रहे 450 से अधिक पंजीकृत मदरसे काम करते रहेंगे, लेकिन अब उन्हें 'उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद' (Uttarakhand Board of School Education) से Affiliation लेनी होगी। इसके बाद ही उन्हें नए अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के तय नियमों के तहत आगे की मान्यता दी जाएगी।

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Madarsa Board System in Uttarakhand : स्कूली शिक्षा से जोड़ने की तैयारी

Uttarakhand ends Madarsa Board System
source : social media

इस नए प्रशासनिक ढांचे का मूल उद्देश्य अल्पसंख्यक छात्रों को स्कूली शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। नए नियमों के लागू होने के बाद अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को पढ़ाने वाले ये संस्थान अब प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की तरह ही काम करेंगे। साथ ही, इन सभी संस्थानों के लिए राज्य सरकार द्वारा तय किए गए शैक्षणिक मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।

अधिकारियों के मुताबिक, अब इन सभी मान्यता प्राप्त संस्थानों में राष्ट्रीय पाठ्यक्रम (National Curriculum) पढ़ाना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई संस्थान अपनी नियमित स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को कोई धार्मिक शिक्षा भी देना चाहता है, तो उसे इसकी इजाजत होगी, लेकिन उस धार्मिक पाठ्यक्रम की रूपरेखा और उसमें क्या पढ़ाया जा रहा है, इसका पूरा नियंत्रण और नियमन भी इसी नए अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के पास रहेगा।

क्या है यह नया शिक्षा प्राधिकरण

Uttarakhand ends Madarsa Board System
source : social media

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में इस ऐतिहासिक फैसले को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 'उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम, 2025' की धारा 19 के अधीन तैयार किए गए 'उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मान्यता नियमावली, 2026' को हरी झंडी दे दी गई है।

प्रदेश के समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने इस बड़े फैसले के पीछे सरकार की मंशा साफ करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक कदम का एकमात्र उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही, इस नई व्यवस्था से अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के कामकाज में ट्रांसपेरेंसी, रेस्पोंसिबिलिटी और क्वालिटी के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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