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उत्तराखंड सरकार का बड़ा तोहफा, मजदूरों को ₹93 करोड़ की सहायता से मिलेगी नई उम्मीद

11:30 AM Jun 29, 2026 IST | Shivangi Shandilya
उत्तराखंड सरकार का बड़ा तोहफा  मजदूरों को ₹93 करोड़ की सहायता से मिलेगी नई उम्मीद
Uttarakhand Labour Welfare

उत्तराखंड सरकार ने रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं तेजी से लागू की हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, अब आर्थिक मदद सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है, जिससे बिचौलियों की जरूरत खत्म हो गई है।

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पिछले एक साल में, हजारों श्रमिकों को इन विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 24,000 से अधिक लाभार्थियों को ₹93 करोड़ से अधिक की आर्थिक मदद दी गई है। हाल ही में एक कार्यक्रम में, लगभग ₹11 करोड़ 4,400 से अधिक श्रमिकों के खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। यह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक मदद मिले।

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Uttarakhand Labour Welfare: जरूरी जरूरतों के लिए विभिन्न सुविधाओं तक पहुंच

Uttarakhand Labour Welfare (credit-sm)

श्रमिकों के लिए शुरू की गई योजनाओं का मकसद न केवल आर्थिक मदद देना है, बल्कि मुश्किल समय में सहारा देना भी है। श्रमिक परिवारों को बेटियों की शादी, मातृत्व सहायता, बच्चों की शिक्षा, परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु पर आर्थिक मदद और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जा रहे हैं। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की आय निश्चित नहीं होती, इसलिए अचानक होने वाले खर्च अक्सर एक बड़ी चुनौती बन जाते हैं। ऐसी स्थितियों में, सरकारी मदद उन्हें आर्थिक संकट से उबरने और परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।

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CM Pushkar Singh Dhami ने कहा प्रशासन सीधे श्रमिकों तक पहुंचेगा

सरकार ने एक नया सिस्टम शुरू किया है ताकि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले श्रमिकों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। अब निर्माण स्थलों के पास विशेष कैंप लगाए जाएंगे ताकि श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन किया जा सके और उन्हें विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा सके। इन कैंपों में स्वास्थ्य जांच, डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग और सरकारी लाभ से जुड़ी सेवाएं—सब एक ही जगह पर मिलेंगी। इस पहल से श्रमिकों का समय और यात्रा का खर्च दोनों बचेगा। खासकर प्रवासी श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के लोगों को इस कदम से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता और भरोसा बढ़ता है।

सरकार ने मदद बांटने की पूरी प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी को शामिल किया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे। लाभार्थियों की पहचान और पेमेंट प्रोसेसिंग के लिए डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे फर्जी दावों पर रोक लगती है और सरकारी फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होता है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इन योजनाओं के बारे में ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाएं, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। राज्य सरकार का मानना ​​है कि एक पारदर्शी व्यवस्था और समय पर मिलने वाली मदद से श्रमिकों का जीवन अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बन सकता है।

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Shivangi Shandilya

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शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।

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