उत्तराखंड में दिसंबर तक 15 हजार से ज्यादा परिवारों को पक्की छत, जानें कौन ले सकता है लाभ और कैसे करें आवेदन
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में पात्र लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश के हजारों परिवारों को अपने घर का सपना पूरा हो सकता है। उत्तराखंड में 18 परियोजनाओं के तहत 15,496 पक्का आवास बन रहे हैं। खबरों के मुताबिक, 84 फीसदी काम पूरा हो गया है। प्रदेश की धामी सरकार ने लंबित परियोजनाओं को 30 सितंबर तक पूरा करने का का अंतिम दिन बताया है। ऐसे में भवन निर्माण पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों को घर का चाभी सौंपा जा सकता है। तो चलिए जानते हैं, इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है और कितने समय के लिए?
किन परिवारों को मिलेगा इस योजना का लाभ?
बता दें कि PMAY-U 2.0 का लाभ मुख्य तौर पर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले EWS, LIG और MIG परिवार उठा सकते हैं। मालूम हो कि EWS कैटेगरी में वे परिवार आते हैं जिनकी सालाना आय ₹3 लाख तक है; LIG कैटेगरी में वे लोग आते हैं जिनकी आय ₹3 लाख से ₹6 लाख के बीच है; और MIG कैटेगरी में वे परिवार आते हैं जिनकी आय ₹6 लाख से ₹9 लाख के बीच है। सबसे जरूरी शर्त यह है कि आवेदक या परिवार के किसी भी सदस्य के पास देश में कहीं भी अपना पक्का घर नहीं होना चाहिए। अगर पिछले 20 सालों में किसी सरकारी हाउसिंग स्कीम के तहत घर अलॉट किया गया है, तो भी पात्रता खत्म हो जाती है।
पहले किन लोगों को मिलेगा घर?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों में महिलाओं, विधवाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों, अल्पसंख्यकों, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जा सकती है। हालाँकि, केवल इन श्रेणियों से संबंधित होना ही काफी नहीं है; योजना के अन्य पात्रता मानदंडों को भी पूरा करना आवश्यक है। योजना की विभिन्न परियोजनाओं के तहत उत्तराखंड में आवास इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है।
आवेदन कैसे करें और कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
इस योजना के योग्य लोग PMAY-U 2.0 के लिए आधिकारिक पोर्टल, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या संबंधित नगर निकाय/नगर पालिका के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार से जुड़ी जानकारी, परिवार के सदस्यों का विवरण, जन्म तिथि, आपसी संबंध और पेशे जैसी जानकारी देनी होगी। मौजूदा और स्थायी पते के अलावा, प्रस्तावित जहां घर बन रहे हैं उसके बारे में भी जानकारी मांगी जा सकती है। आवेदन जमा करने के बाद पात्रता की जांच की जाती है; सिर्फ आवेदन करने से ही आपको इस योजना का लाभ मिलने की गारंटी नहीं होती। वहीं उत्तराखंड सरकार के अनुसार, सितंबर तक लंबित प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का लक्ष्य है; इसलिए, दिसंबर तक इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।

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