रानीखेत के सुंदरखाल जंगल में लापता युवती 6 दिन बाद मिली सुरक्षित, घास और जंगली पत्तियां खाकर किया गुजारा
Woman Found Alive in Ranikhet Forest : उत्तराखंड के रानीखेत से राहत वाली बात सामने आई है जहां 1 जुलाई से गायब चल रही रानीखेत के मजखाली गांव की 28 वर्षीय युवती सुरक्षित मिल गई है। बता दें, युवती छह दिन पहले सुंदरखाल के घने जंगलों में गायब हो गई थी। वह अपने पिता के साथ टहलने निकली थी जहां से वह गायब हो गई थी।
पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों की टीमों ने लगातार छह दिनों तक तलाश अभियान चलाया। आखिरकार मंगलवार को उसे घटनास्थल से करीब 12-13 किलोमीटर दूर वन्यजीव-संवेदनशील इलाके से रेस्क्यू किया गया।
जंगली पत्तियां और घास खाकर बचाई जान

जंगल में फंसे रहने के दौरान उसने घास और जंगली पत्तियां खाकर अपनी जान बचाई। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती युवती की हालत अब स्थिर है।
यह पूरी घटना एक जुलाई की शाम को शुरू हुई। युवती अपने पिता के साथ सुंदरखाल जंगल की तरफ गई थी। लौटते समय थकान की शिकायत होने पर वह रास्ते में ही रुक गई। पिता करीब 20 मिनट बाद जब उसे लेने वापस लौटे, तो वह वहां नहीं थी। परिजनों ने पहले खुद तलाश की, लेकिन मौके से केवल युवती की एक चप्पल मिलने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
खोज अभियान में बढ़ी थी अनहोनी की आशंकाएं

जंगल में जंगली जानवरों की भारी आवाजाही रहती है। चप्पल मिलने से अनहोनी की आशंका बढ़ गई थी, हालांकि पुलिस ने किसी जानवर के हमले से इनकार किया था। सर्च ऑपरेशन में पुलिस और एसडीआरएफ के साथ ग्रामीणों ने भी पूरा जोर लगा दिया।
मंगलवार को कामयाबी तब मिली जब घास काटने जंगल गए कुछ ग्रामीणों को एक सुनसान इलाके से चिल्लाने की आवाज आई। आवाज का पीछा करते हुए वे पथरीले और ऊबड़-खाबड़ इलाके में पहुंचे, जहां युवती घायल हालत में पड़ी थी।
ख़ोज दल ने की तुरंत कार्रवाई
तुरंत पुलिस और एसडीआरएफ को अलर्ट किया गया। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर युवती को स्ट्रेचर पर लिटाया और कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से उसे एम्बुलेंस के जरिए रानीखेत के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) हरबंस सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। युवती रास्ता भटक गई थी। शुरुआती पूछताछ में उसने बताया कि भूख-प्यास से बचने के लिए उसने घास खाई। पुलिस जल्द ही उसका विस्तृत बयान दर्ज करेगी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को अकेले जंगलों में न जाने की सलाह दी है।

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