Puja Mistakes to Avoid: पूजा करते समय भूलकर भी न करें ये 8 गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पुण्य फल; नोट कर लें सही नियम
पूजा के दौरान न करें ये 8 गलतियां (Puja Mistakes to Avoid)
1. दिशा और पवित्रता का ध्यान न रखना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान की पूजा में शरीर और मन दोनों का साफ होना बहुत जरूरी है। इसलिए हमेशा नहा-धोकर, साफ कपड़े पहनकर ही पूजा शुरू करें। भगवान की पूजा हमेशा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में बैठकर, पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके करनी चाहिए। पूजा के बीच में बार-बार उठना न पड़े, इसलिए पूजा का सारा सामान पहले ही अपने पास रख लें।
2. बिना आसन के जमीन पर बैठना
शास्त्रों के अनुसार, कभी भी सीधे जमीन पर बैठकर पूजा नहीं करनी चाहिए। बिना आसन के बैठने से पूजा से मिलने वाली आध्यात्मिक ऊर्जा को जमीन सोख लेती है। इसलिए पूजा के लिए हमेशा ऊन या कुशा से बने आसन का ही इस्तेमाल करें।
3. एक दीपक से दूसरा दीपक जलाना

अक्सर लोग पूजा या आरती के समय पहले से जल रहे दीपक से ही दूसरा दीपक या कपूर जला लेते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करना ठीक नहीं है। कहा जाता है कि इससे घर में पैसों की तंगी आ सकती है और सुख-शांति पर बुरा असर पड़ता है।
4. इस्तेमाल की गई पूजा सामग्री को गलत जगह रखना
पूजा में इस्तेमाल किए गए फूल और बाकी सामान को कभी भी किसी नदी, तालाब या कूड़ेदान में न फेंकें। ऐसा करने से आपको पुण्य की जगह पाप लगता है। नदियों में सामान फेंकने से नदियां गंदी होती हैं, और पवित्र चीजों को कूड़े में फेंकने से दोष लगता है। इसलिए पूजा के पुराने सामान को हमेशा मिट्टी में दबा देना सबसे सही रहता है।
5. वर्जित और बासी चीजें चढ़ाना
भगवान की पूजा करते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि उन्हें क्या पसंद है और क्या नहीं। जैसे भगवान शिव की पूजा में तुलसी और भगवान विष्णु की पूजा में चावल कभी न चढ़ाएं। इसी तरह फल, फूल और प्रसाद का भी ध्यान रखें। पूजा में कभी भी बासी या खराब फल-फूल न चढ़ाएं। साथ ही, बिना पूछे तोड़े गए या चुराए गए फल-फूल भी भगवान को नहीं चढ़ाने चाहिए।
6. खंडित मूर्तियां और बर्तन रखना
घर के मंदिर में कभी भी टूटी हुई मूर्तियां, फटी हुई तस्वीरें या चटके हुए बर्तन नहीं रखने चाहिए। माना जाता है कि ऐसी चीजों की पूजा करने से घर में नकारात्मकता बढ़ती है और कामों में रुकावटें आती हैं। इसलिए समय-समय पर मंदिर की सफाई करें और ऐसी चीजों को आदर के साथ हटाकर सही तरीके से विसर्जित कर दें।
7. जाप की माला से जुड़े नियम

अगर आप पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करते हैं, तो इसके लिए एक अलग माला रखें और उसे हमेशा गोमुखी के अंदर रखकर ही जपें। गले में पहनने वाली माला से कभी भी जाप नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, जाप हमेशा एक तय समय और तय जगह पर ही करें।
8. क्रोध करना और क्षमा न मांगना
पूजा करते समय अपना मन शांत रखें। किसी पर गुस्सा न करें और न ही किसी के लिए बुरा सोचें। भले ही आप कम समय के लिए पूजा करें, लेकिन पूरे मन और ध्यान लगाकर करें। पूजा संपन्न होने के बाद भगवान की आरती जरूर करें और अपनी गलतियों के लिए माफी मांगें।
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