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मुठभेड़ में मारा गया विकास दुबे का साथी प्रभात मिश्रा नहीं था नाबालिग, पुलिस जांच में खुलासा

कानपुर पुलिस का दावा है कि फरीदाबाद से कानपुर लाते वक्त कथित मुठभेड़ में मारा गया कानपुर के बिकरु कांड का आरोपी प्रभात मिश्र उर्फ कार्तिकेय दरअसल बालिग था और उसने फर्जी स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) के जरिए कागजों में अपनी उम्र चार साल घटाई थी।
मुठभेड़ में मारा गया विकास दुबे का साथी प्रभात मिश्रा नहीं था नाबालिग, पुलिस जांच में खुलासा
कानपुर पुलिस का दावा है कि फरीदाबाद से कानपुर लाते वक्त कथित मुठभेड़ में मारा गया कानपुर के बिकरु कांड का आरोपी प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय दरअसल बालिग था और उसने फर्जी स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) के जरिए कागजों में अपनी उम्र चार साल घटाई थी।

बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी संतोष सिंह ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि कार्तिकेय ने फर्जी टीसी के जरिए अपनी उम्र को जानबूझकर चार साल घटा लिया और हाई स्कूल में दाखिला लेकर 2018 की परीक्षा में पास हो गया। उसके बाद उसने स्कूल के अंक पत्र की बुनियाद पर अपना आधार कार्ड बनवा लिया।

पुलिस ने इस सिलसिले में कुछ दस्तावेजों को आज सार्वजनिक किया। गौरतलब है कि कार्तिकेय के परिवार ने करीब एक हफ्ते पहले उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट और आधार कार्ड दिखाते हुए कहा था कि मुठभेड़ के वक्त वह नाबालिग था। 

कार्तिकेय पर गत तीन जुलाई की दरमियानी रात को विक्रम गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप था। पुलिस ने कार्तिकेय को आठ जुलाई को फरीदाबाद में गिरफ्तार किया था। उसे ट्रांजिट रिमांड पर लाते वक्त नौ जुलाई को कानपुर के पनकी इलाके में पुलिस की गाड़ी की हवा निकल गई थी, जिसे ठीक करते वक्त कार्तिकेय ने कथित रूप से एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन कर उस पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में कार्तिकेय मारा गया था।
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