School Warden Saves Student: बीमार छात्रा को पीठ पर लादकर 6 KM पैदल चली स्कूल वार्डन, Video देख लोग कर रहे हैं सलाम
आंध्र प्रदेश से इंसानियत की मिसाल पेश करने वाला एक वीडियो सामने आया है। इस 29 सेकंड के वीडियो ने लोगों का दिल जीत लिया है। यहां एक एक छात्रा को तेज बुखार था, स्कूल वार्डन ने बिना समय गंवाए और कुछ सोचे समझे बच्ची को अपनी पीठ पर उठाया, इसके बाद करीब 6 किलोमीटर तक पहाड़, ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया। इस वीडियो को देख लोग वार्डन की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं।
बच्ची को पीठ पर लेकर 6KM चली वार्डन
यह वीडियो आंध्र प्रदेश के पार्वतीपुरम मन्याम जिले में स्थित गुम्मलक्ष्मीपुरम आदिवासी आश्रम स्कूल का है। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि वार्डन हेमा ने अपनी पीठ पर एक छात्रा को उठा रखा है। वह पहाड़ी रास्तों पर, कहीं चढ़ाई, कई पत्थर और जंगल का रास्ता है, लेकिन हेमा ने हार नहीं मानी। वह बच्ची को लेकर करीब 6 किलोमीटर पैदल चली। उसका सिर्फ एक ही मकसद था कि बीमार बच्ची को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना था। आसपास न कोई एंबुलेंस उपलब्ध थी और न ही कोई वाहन, इसलिए हेमा ने बिना देर किए बच्ची को पीठ पर बैठाया और अस्पताल पहुंचाया।
విధి పట్ల నిబద్ధతతో, బాధ్యతను మానవత్వంతో నిర్వర్తించిన వార్డెన్ హేమకు హృదయపూర్వక అభినందనలు
మానవత్వం, సేవాభావం, విధి పట్ల నిబద్ధతకు నిలువెత్తు నిదర్శనంగా నిలిచిన పార్వతీపురం మన్యం జిల్లా గుమ్మలక్ష్మీపురం గిరిజన ఆశ్రమ పాఠశాల వార్డెన్ శ్రీమతి హేమ గారికి హృదయపూర్వక అభినందనలు💐💐… pic.twitter.com/wdciA9wVaW
— Dr. Sailaja Rayapati (@SailajaRayapati) July 2, 2026
"वार्डन नहीं, बच्ची के लिए भगवान बनकर आई"
आंध्र प्रदेश स्टेट वुमेन कमीशन की चेयरपर्सन डॉ. शैलजा प्रजापति ने ये वीडियो शेयर किया है। उन्होंने वार्डन हेमा की जमकर तारीफ की और कहा कि जिम्मेदारी और इंसानियत मिल जाएं तो किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। वहीं इस वीडियो ने आदिवासी इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क-परिवहन की कमी के मुद्दों को उजागर किया है। वीडियो पर कमेंट कर एक यूजर कहा कि सरकार को दूर-दराज़ के हॉस्टलों के लिए ट्रांसपोर्ट और हेल्थकेयर जैसी बुनियादी ज़रूरतों का ध्यान रखना होगा। दूसरे यूजर ने कहा, "वार्डन नहीं, ये तो उस बच्ची के लिए भगवान बनकर आई।" इसी तरह लोग इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

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