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वसीम जाफार ने कहा- पृथ्वी शॉ में विशेष प्रतिभा, मगर मैदान से बाहर ज्यादा अनुशासित रहने की जरूरत

वसीम जाफार ने कहा- पृथ्वी शॉ में विशेष प्रतिभा, मगर मैदान से बाहर ज्यादा अनुशासित रहने की जरूरत
भारत क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने पृथ्वी शॉ की तुलना वीरेंद्र सहवाग से करते हुए कहा कि मुंबई के इस युवा बल्लेबाज को मैदान से बाहर ज्यादा अनुशासित होने की जरूरत है। टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रभावशाली पदार्पण के बाद शॉ पर डोपिंग मामले में आठ महीने का प्रतिबंध लगाया गया था।

प्रतिबंध पूरा होने के बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट पर वापसी की और इस साल भारत के न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें अंतिम एकादश में जगह बनाने मौका मिला था। जाफर ने पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा से उनके यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उसे (शॉ) मैदान से बाहर ज्यादा अनुशासित होने की जरूरत है। उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की लेकिन उसे क्रिकेट के बाहर भी बहुत ज्यादा अनुशासित रहने की जरूरत है।’’

रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले जाफर ने कहा कि शॉ के पास बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता है। इस साल घरेलू क्रिकेट को अलविदा कहने वाले इस दिग्गज ने कहा, ‘‘वह (शॉ) जिस तरह के शॉट लगाता है बिना किसी संदेह के मुझे लगता है कि वह एक विशेष खिलाड़ी हैं। अगर उसने इसे जारी रखा तो उसके पास वीरेंद्र सहवाग की क्षमता है, जो पूरी तरह से गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकता है।’’

जाफर के मुताबिक, शॉ को अपने खेल को बेहतर ढंग से समझने की जरूरत है क्योंकि वह विरोधी गेंदबाजों के ‘जाल में फंस’ जाते है। जाफर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कही ना कही उसे अपने खेल को समझने की जरूरत है। उसे थोड़ा समय लेने की जरूरत है। वह कई बार शॉर्ट पिच गेंदों पर आउट हुआ और गेंदबाजों के जाल में फंस गया। उसे इस बात को समझने की जरूरत है’’




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