श्रीनगर में खुला साप्ताहिक बाजार, घाटी में जनजीवन प्रभावित

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद से लगाई गई पाबंदियों के कारण कश्मीर घाटी में 42वें दिन भी जनजीवन प्रभावित रहा। घाटी में दुकानें और सार्वजनिक यातायात बंद है। हालांकि श्रीनगर में साप्ताहिक बाजार रविवार को खुला है। 

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को टीआरसी चौक-पोलो व्यू एक्सिस पर कई रेहड़ी वालों ने अपनी दुकानें लगाईं। घाटी के कई हिस्सों से लोग सामान खरीदने के लिए बाजार आए। अधिकारियों ने बताया कि शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए बाजार में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि निजी वाहन शहर और घाटी में चल रहे हैं जबकि कुछ ऑटो रिक्शा और एक जिले से दूसरे जिले जाने वाली कुछ कैब भी चल रही हैं। 

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उन्होंने बताया कि दुकान और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद है और सार्वजनिक यातायात सड़क से नदारद है। अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं निलंबित है। घाटी में टेलीफोन काम कर रहे हैं और उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में मोबाइल काम कर रहे हैं, इंटरनेट नहीं। अधिकारियों ने बताया कि घाटी के ज्यादातर क्षेत्रों में पाबंदियां नहीं है लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात हैं। 

प्रशासन प्रत्येक शुक्रवार को घाटी के संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां लगा रहा है क्योंकि उसका मानना है कि कुछ लोग मस्जिदों और दरगाहों पर लोगों के जमा होने का इस्तेमाल प्रदर्शन करने के लिए कर सकते हैं। पिछले एक महीने से शुक्रवार को जामिया मस्जिद, हजरत बल के दरगाह शरीफ सहित ज्यादातर बड़ी मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं है। 

मुख्यधारा के नेताओं तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत अन्य को या तो हिरासत में लिया गया है या नजरबंद रखा गया है। इसके अलावा अलगाववादी नेता भी हिरासत में हैं। 

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