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'चुनाव चिह्न और नाम के विवाद से जुड़ी है फंड की लड़ाई', TMC के 4 फ्रीज बैंक खातों को राहत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने तृणमूल गुट की नई याचिका पर सुनवाई करते हुए खातों को तुरंत ऑपरेट करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
04:09 PM Oct 01, 2026 IST | Rohit Singh
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने तृणमूल गुट की नई याचिका पर सुनवाई करते हुए खातों को तुरंत ऑपरेट करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
 चुनाव चिह्न और नाम के विवाद से जुड़ी है फंड की लड़ाई   tmc के 4 फ्रीज बैंक खातों को राहत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

SC refuses to unfreeze TMC bank accounts : ममता बनर्जी की पार्टी TMC के लिए दिक्कत कम होने का नाम नहीं ले रही। चुनाव के बाद से ममता बनर्जी लगातार पार्टी की अंदरूनी व बाहरी समस्याओं से जूझ रही हैं। हालिया मामला पार्टी के उन 4 बैंक खातों से जुड़ा है जिन्हें साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायत के बाद वेस्ट बंगाल पुलिस द्वारा फ्रीज कर दिया गया था।

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जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने तृणमूल गुट की नई याचिका पर सुनवाई करते हुए खातों को तुरंत ऑपरेट करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

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यह मामला टीएमसी विधायक विश्वनाथ दास की एक शिकायत से उठा, जिसमें अवैध वित्तीय लेन-देन और गलत तरीकों से फंड ट्रांसफर करने के आरोप लगाए गए थे। शीर्ष अदालत ने मामले में दखल न देते हुए हाईकोर्ट को सुनवाई जल्द पूरी करने का अनुरोध कर याचिका का निपटारा कर दिया।

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सिंघवी बोले- 'बिना आधार के रोके गए खाते'

टीएमसी की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने दलील दी कि चुनाव आयोग ने सिंबल फ्रीज करने से जुड़े हालिया निर्देशों में फंड्स को लेकर कोई फैसला नहीं दिया है।

सिंघवी का कहना था कि पुलिस मनी लॉन्ड्रिंग और हेरफेर के बेबुनियाद दावे कर रही है, लेकिन खाते फ्रीज करने के लिए कोई ठोस आधार नहीं दिया गया है।

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल पुलिस की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि पार्टी के जनरल सेक्रेटरी सुमित रॉय ने बैंक खाते में 34 करोड़ रुपये कैश डिपॉजिट कराए थे।

सॉलिसिटर जनरल ने रॉय का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी जमीन को निजी नामों पर दर्ज कराकर बेचने के आरोपों के बाद उन्होंने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिस पर शीर्ष अदालत से राहत नहीं मिली थी।

चुनाव चिह्न और नाम के विवाद से जुड़ी है फंड की लड़ाई

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि इन फंड्स पर अधिकार का मुख्य विषय पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

बेंच ने कहा कि इस पड़ाव पर कोई भी टिप्पणी या फैसला करने से लंबित मामलों पर गहरा असर पड़ सकता है। इसी वजह से अदालत ने हाईकोर्ट की कार्यवाही में दखल देने से इनकार कर दिया।

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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