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आरजी कर कांड में 2 साल बाद बड़ी कार्रवाई: टीएमसी के पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष पुरी से गिरफ्तार

आरजी कर कांड में पीड़िता का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के आरोपी पूर्व टीएमसी चीफ व्हिप निर्मल घोष को ओडिशा के होटल से गिरफ्तार कर लिया गया है। परिजनों का आरोप है कि बिना सहमति के शव जलाया गया था।
04:20 PM Aug 13, 2026 IST | Rohit Singh
आरजी कर कांड में पीड़िता का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के आरोपी पूर्व टीएमसी चीफ व्हिप निर्मल घोष को ओडिशा के होटल से गिरफ्तार कर लिया गया है। परिजनों का आरोप है कि बिना सहमति के शव जलाया गया था।
आरजी कर कांड में 2 साल बाद बड़ी कार्रवाई  टीएमसी के पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष पुरी से गिरफ्तार

TMC Leader Nirmal Ghosh Arrest : साल 2024 के बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड में एक नया और बड़ा मोड़ आया है. पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के गंभीर आरोपों में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा इस मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के कुछ ही दिनों बाद यह कदम उठाया गया है. खरदह थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने पानीहाटी के पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष को ओडिशा के पुरी स्थित एक होटल से तड़के गिरफ्तार किया, जहां वे पहचान छिपाकर ठहरे हुए थे.

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पुरी के होटल में छिपे थे पूर्व विधायक

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को खरदह थाने में नई एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद निर्मल घोष बंगाल छोड़कर ओडिशा भाग गए थे. पुलिस से बचने के लिए वे पुरी के एक होटल में ठहरे थे और नए सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. वे सिर्फ अपने बेहद करीबी सहयोगियों के संपर्क में थे.

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पुलिस ने मंगलवार से उनके मोबाइल टावर की लोकेशन ट्रैक करना शुरू किया. लोकेशन मिलते ही खरदह पुलिस की एक टीम तुरंत पुरी पहुंची और गुरुवार तड़के होटल में छापेमारी कर उन्हें दबोच लिया. पुलिस टीम उन्हें सड़क मार्ग से कोलकाता लेकर आ रही है, जहां शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा.

आनन-फानन में अंतिम संस्कार का आरोप

यह मामला अगस्त 2024 में आरजी कर अस्पताल में ऑन-ड्यूटी महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध और उसके बाद शव के निस्तारण से जुड़ा हुआ है. पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि निर्मल घोष और उनके साथियों ने परिवार की सहमति के बिना और दूसरी बार पोस्ट-मॉर्टम की संभावना को पूरी तरह खत्म करने की नीयत से शव का जल्दबाजी में दाह-संस्कार करवा दिया था.

पीड़िता की मां और पानीहाटी से मौजूदा भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने 13 मई को सीलदाह कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने निर्मल घोष, स्थानीय टीएमसी पार्षद संजीब मुखोपाध्याय और पार्टी पदाधिकारी सोमनाथ दास की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी. परिजनों का यह भी आरोप है कि श्मशान घाट पर जरूरी दस्तावेज तक उन्हें नहीं दिए गए और परिजनों के हस्ताक्षर लिए बिना ही प्रक्रिया पूरी कर दी गई.

पहले भी हो चुकी है पूछताछ

9 अगस्त 2024 को आरजी कर अस्पताल में हुई इस वारदात ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और इसके विरोध में व्यापक प्रदर्शन हुए थे. घटना के लगभग दो साल बाद हुई निर्मल घोष की यह गिरफ्तारी इस मामले में बड़ी कानूनी प्रगति मानी जा रही है.

सीबीआई की टीम भी इससे पहले 18 जून को श्मशान घाट जाकर निर्मल घोष से पूछताछ कर चुकी थी. वहीं, निर्मल घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को भी जुलाई में रंगदारी और हिंसा से जुड़े एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. अब पुलिस की इस नई कार्रवाई से मामले से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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