19 साल बाद कोलकाता लौटीं तसलीमा नसरीन, सुरक्षा मिलने पर राज्य सरकार का जताया आभार
पश्चिम बंगाल में सत्ता पलट होने के बाद मशहूर बांग्लादेशी राइटर तसलीमा नसरीन करीब 19 साल बाद कोलकाता पहुंची है। जानकारी के मुताबिक, वह 1 अगस्त को रवींद्र सदन में आयोजित ‘सेक्युलर मिशन’ और ‘ह्यूमन राइट्स एंड बांग्लादेश फ्रीडम फाइटर्स फाउंडेशन (HRBFF)’ के कार्यक्रम में भाग लेंगी। इस कार्यक्रम में CM सुवेंदु अधिकारी और मशहूर साहित्यकार शिर्षेंदु मुखोपाध्याय के शामिल होने की संभावना है। आज, 31 जुलाई को दोपहर करीब 12:50 बजे वह कोलकाता एयरपोर्ट पहुंची, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।
बंगाली साड़ी पहन अपने शहर में की वापसी
कोलकाता पहुंचने पर तसलीमा नसरीन ने कहा उनके लिए ये सिर्फ एक शहर नहीं , बल्कि घर लौटने जैसा है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं अपने देश लौट रही हूं।" उनका एयरपोर्ट पर बहुत अच्छे से स्वागत किया गया। इस दौरान तस्लीमा लाल बॉर्डर वाली सफेद बंगाली साड़ी में नजर आई ,उनका ये लुक चर्चा का विषय बना हुआ है।
#WATCH | Bangladeshi writer and activist Taslima Nasreen arrives in Kolkata, West Bengal pic.twitter.com/ELHV54LHmF
— ANI (@ANI) July 31, 2026
2007 में विरोध के बाद छोड़ा था कोलकाता
2007 में तस्लीमा नसरीन की किताब ‘द्विखंडितो’ को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। उन पर मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत करने का आरोप लगा था। बंगाल सरकार ने उनकी किताब 'द्विखंडित' पर पाबंदी लगा दी थी। हालात बिगड़ने के बाद उन्हें कोलकाता छोड़ना पड़ा था, इसके बाद वह लंबे समय तक अपने शहर नहीं लौटी। आज 19 साल बाद उनकी वापसी चर्चा का विषय बनी हुई है।
सीएम शुभेंदु का आभार जताकर तारीफ की
कोलकाता आने से पहले तस्लीमा नसरीन ने कहा था कि सिर्फ निमंत्रण मिलने से उनका आना मुमकिन नहीं था। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार से सुरक्षा मिलने की वजह से ही वह इस बार कोलकाता आ पाई हैं और इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार को धन्यवाद भी दिया है। तस्लीमा ने कहा कि सीएम शुभेंदु की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक अलग राय रखने वाली राइटर की आजादी की इज्जत करते हैं और उसकी हिफाजत करते हैं, भले ही वे उनकी हर बात से सहमत न हों। उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा में है।

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