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बुजुर्ग ने करी प्यार की खास मिसाल पेश, कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी नहीं गए नेत्रहीन पत्नी का छोड़ अस्पताल

वैसे कुछ भी हो कोरोना महामारी ने लोगों को रिश्तों की अहमियत तो बखूबी समझा दी है। वैसे असली इंसान तो वही है जो अपने बुजुर्गों को सदैव अपने साथ लेकर चलता है
बुजुर्ग ने करी प्यार की खास मिसाल पेश, कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी नहीं गए नेत्रहीन पत्नी का छोड़ अस्पताल
वैसे कुछ भी हो कोरोना महामारी ने लोगों को रिश्तों की अहमियत तो बखूबी समझा दी है। वैसे असली इंसान तो वही है जो अपने बुजुर्गों को सदैव अपने साथ लेकर चलता है या उनसे मिलने आता है। साथ ही उनको यह बताता है कि दादा जी बाहर ये चल रहा है और आप लोगों से दूरी बनाकर रखना। दरअसल एक 70 साल के बुजुर्ग की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई और उन्हें लेने के लिए अस्पताल से टीम आई हुई है। हुआ कुछ यूं कि शख्स की पत्नी को आंखों से दिखाई नहीं देता और वो उसको छोड़ कर कहीं जा नहीं सकता तो बस वह उसको अपने साथ ही अस्पताल ले जाने के लिए तैयार हो गए। 



 ऐसा हुआ तिरुवनंतपुरम में...

ट्विटर यूजर अरूण जॉर्ज के मुताबिक ये किस्सा तिरूवनंतपुरम का है। जॉर्ज इसके कैप्शन में लिखते हैं 70 साल के ये शख्स तिरूवनंतपुरम के राजाजी नगर में अपनी दृष्टिहीन पत्नी के साथ में रहते हैं और वो कोरोना संक्रमित पाए गए हैं,जबकि उनकी पत्नी को कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है। अब बुजुर्ग पति ने अपनी पत्नी को पीछे अकेला छोडऩे से इंकार कर दिया। इसी लिए वो उन्हें अपने साथ में ही ले आएं हैं। 



इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि कैसे ये बुजुर्ग शख्स अपनी पत्नी का हाथ पकड़कर उसे अपने साथ ही ले जा रहा है। लेकिन बाद में बुजुर्ग को हेल्थ वर्कर्स ने खूब समझाया और कहा कि उनके बिना भी उनकी पत्नी का पूरा ख्याल रखा जाएगा जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी को जाने दिया। 

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