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कहां जा रही है विदेश से प्राप्त हजारों टन कोरोना सहायता सामग्री, केंद्र सरकार ने दिया ये जवाब

सरकार ने शुक्रवार को बताया कि विभिन्न देशों से सहायता के रूप में 27 अप्रैल से प्राप्त 3000 हजार टन से अधिक की करीब 11,000 सामग्रियों को देश भर में आवंटित किया गया है और कोई भी खेप हवाई अड्डा या बंदरगाह पर लंबित नहीं है ।
कहां जा रही है विदेश से प्राप्त हजारों टन कोरोना सहायता सामग्री, केंद्र सरकार ने दिया ये जवाब
सरकार ने शुक्रवार को बताया कि विभिन्न देशों से सहायता के रूप में 27 अप्रैल से प्राप्त 3000 हजार टन से अधिक की करीब 11,000 सामग्रियों को देश भर में आवंटित किया गया है और कोई भी खेप हवाई अड्डा या बंदरगाह पर लंबित नहीं है ।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आरती अहूजा ने संवाददाताओं से कहा कि 4,468 आक्सीजन सांद्रक, 3,417 आक्सीजन सिलिंडर, 13 आक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 3,921 वेंटीलेटर/बीआई पीएपी/सी पीएपी और 3 लाख रेमडेसिविर की शिशियों के अलावा पीपीई किट एवं अन्य सामग्रियां विदेशों से सहायता के रूप में प्राप्त हुई और इन्हें पांच मई तक विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा गया है ।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलग से जारी अपने एक बयान में कहा कि 2,933 आक्सीजन सांद्रक, 2429 आक्सीजन सिलिंडर, 13 आक्सीजन उत्पादक संयंत्र, 2951 वेंटीलेटर/बीआई पीएपी/सी पीएपी तथा 3 लाख रेमडेसिविर की शिशियां अब तक आपूर्ति की गई हैं ।छह मई को विदेशों से प्राप्त आपूर्ति में न्यूजीलैंड से छह आक्सीजन सांद्रक, ब्रिटेन से सिलिंडर, जर्मनी से एक मोबाइन आक्सीजन संयंत्र (पहला हिस्सा) तथा नीदरलैंड से आक्सीजन सांद्रक शामिल है।
बयान के अनुसार, ‘‘ वैश्विक महामारी की दूसरी लहर और कोविड-19 के मामलों में अप्रत्याशित तेजी के मद्देनजर भारत की चुनौतियों और जरूरतों के लिये विश्व समुदाय मदद कर रहा है। भारत सरकार ने सुनिश्चित किया है कि विश्व सहायता को तुरंत और कारगर तरीके से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा जाये।’’
मंत्रालय ने कहा कि यह निरंतर चलने वाली गतिविधि है। इसका उद्देश्य है कि विभिन्न उपायों और जरियों से सहायता दी जाये, ताकि इस संकट की घड़ी में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को महामारी से लड़ने में मजबूती मिले।
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दामू रवि ने कहा कि आज की तरीख में अधिकांश खेप अपने गंतव्य स्थल पर पहुंच गई है और कुछ सामग्री आवागमन से जुड़े कारणों से पारगमन में हो सकते हैं लेकिन इस खेप पर नजर रखी जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह उन स्थानों पर पहुंचे । राष्ट्रीय आपदा मोचन बल आक्सीजन संयंत्र में सक्रिय साझेदार है और भारतीय नौसेना तथा वायु सेना देश के विभिन्न स्थानों तक सामग्रियां पहुंचा रही है ।
रवि ने बताया कि विदेशों से सामग्रियां अलग अलग संख्या में और अलग अलग समय में आ रही है। इसलिये वितरण संबंधी व्यवस्था को सुनियोजित करने की जरूरत है ताकि सामग्रियां जितनी तेजी से हो सके, राज्यों तक पहुंचे ।
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