हासन को गांधी की हत्या मामला उठाने को किसने उकसाया : भाजपा 

तूतीकोरिन (तमिलनाडु) : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्वतंत्र भारत के ‘पहले उग्रवादी’ को ‘हिंदू’ बताने वाले कमल हासन के बयान को लेकर उन पर हमला जारी रखते हुए बुधवार को कहा कि यह जनसभा में उठाने वाला विषय नहीं था। साथ ही पार्टी ने पूछा कि गांधी की हत्या के मुद्दे को इतने साल बाद उठाने के लिए उन्हें किसने उकसाया? प्रदेश भाजपा अध्यक्ष तमिलिसाई सौंदराराजन ने मामले पर हासन का साथ देने के लिए कांग्रेस पर तंज कसा कि जिन लोगों ने अपना नेता उग्रवाद की वजह से खोया, वे विवादित बयान पर अभिनेता का साथ दे रहे हैं।
हासन ने रविवार को यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया था कि “भारत का पहला उग्रवादी एक हिंदू था।” उनका इशारा महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे की तरफ था।

हासन के इस बयान पर सौंदराराजन ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और पूछा कि तमिलनाडु कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष के एस अलागिरी और द्रविड़ार कझगम के नेता के वीरामणि हासन की टिप्पणी पर क्यों “खुश” हो रहे हैं। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “पहली बात, कमल हासन को समझना चाहिए कि वह जो बोल रहे हैं, वह गलत है..हमें उग्रवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करना चाहिए।” उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी की तरफ स्पष्ट रूप से इशारा करते हुए कहा, “कुछ राजनेताओं एवं संगठनों का समर्थन देना चिंता का विषय है। क्योंकि, एक पार्टी जिसने उग्रवाद की वजह से अपना नेता खोया वही इसका समर्थन कर रही है।”

राजीव गांधी की हत्या चेन्नई के निकट श्रीपेरंबुदुर में 21 मई,1991 को एक चुनावी रैली के दौरान हुई थी जब प्रतिबंधित संगठन एलटीटीई के आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। संयोग से भारत ने लिब्रेशन टाइगर्स ऑफ तमिल एलम (एलटीटीई) पर प्रतिबंध को मंगलवार को तत्काल प्रभाव के साथ पांच साल के लिए बढ़ा दिया। सौंदराराजन ने पार्टी की अपनी मांग को दोहराते हुए चुनाव आयोग से हासन के प्रचार करने पर रोक लगाने को कहा और ध्यान दिलाया कि आयोग ने उत्तर भारत में कुछ नेताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की है।इस बीच एक वैष्णव संत ने भी हासन की टिप्पणी को लेकर उन पर हमला बोला है और धमकी दी है कि हासन अगर इस तरह की टिप्पणियां करना जारी रखेंगे तो वह विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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