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कंगना रनौत के खिलाफ संजय राउत के बयान पर अमरोहा में महिला संगठनों ने जताया आक्रोश

कंगना रनौत के खिलाफ अभद्र शब्दों के इस्तेमाल पर उत्तर प्रदेश के अमरोहा में महिला संगठनों ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए सुसंगत धाराओं में राउत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कंगना रनौत के खिलाफ संजय राउत के बयान पर अमरोहा में महिला संगठनों ने जताया आक्रोश
अभिनेत्री कंगना रनौत पर शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय राऊत के बयान को कई महिला संगठन ने निंदनीय करार दिया है। कंगना के खिलाफ अभद्र शब्दों के इस्तेमाल पर उत्तर प्रदेश के अमरोहा में महिला संगठनों ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए सुसंगत धाराओं में  राउत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।  
अमरोहा सदर के पूर्व ब्लाक प्रमुख तथा प्रसिद्ध चिकित्सक बीजेपी महिला मोर्चा की वरिष्ठ नेत्री डॉ शांता गुर्जर ने मंगलवार को कहा है कि कंगना रनौत देश की महिलाओं की आइकॉन बनकर राष्ट्रीय मुद्दों पर जिस तरह से पूरी तरह बेबाक होकर बात कर रही है, उससे केवल महिलाएं ही नहीं अपितु सारे देशवासियों का सर गर्व से ऊंचा होना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि देश का संपूर्ण महिला समाज वह समस्त जागरूक लोग कंगना रनौत के साथ खड़े हैं। महिला संगठन पूरी तरह से उनके साथ खड़े है। जिस तरह से शिवसेना और कांग्रेस कंगना रनौत के खिलाफ अनर्गल प्रलाप कर रही है वह अत्यंत शर्मनाक है। 
अग्रवाल महिला समाज की जिला अध्यक्ष कुसुम गोयल ने कंगना रनौत को नारी सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि शिवसेना सांसद संजय राउत को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। पूरा देश कंगना रनौत के साथ खड़े  है। महिला आर्य समाज की प्रधान अंजली आर्य व प्रसिद्ध वैदिक भजनों प्रदेशिका आशा आर्य ने भी कंगना रनौत का पक्ष लेते हुए कहा कि कंगना रनौत को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय अस्मिता के साथ खड़े होकर के स्वागत करना चाहिए। 
कंगना रनौत् आज राष्ट्रीय अस्मिता के साथ खड़े है। उनके साथ पूरा देश खड़े है तथा जिस तरह से शिवसेना सांसद ने उनके प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया है यह उनकी तुच्छ मानसिकता को दर्शाता है। 
आर्य समाज की अंतरराष्ट्रीय महिला शिक्षा संस्था गुरुकुल चोटीपुरा की संचालिका सुमेधा आर्य ने भी कंगना रनौत के साहस एवं उनके द्वारा सिनेमा जगत की गंदगी को दुनिया के सामने लाने पर जिस साहस का परिचय दिया दिया गया है उसका स्वागत किया तथा कहा इस शिवसेना व कांग्रेस को कंगना रनौत के साहस से सबक लेना चाहिए और नारी सशक्तिकरण के रूप में इसका स्वागत करने के बजाए शिवसेना सांसद अत्यंत शर्मनाक भाषा का प्रयोग कर कंगना रनौत के रूप में देश की नारी शक्ति का अपमान कर रहे हैं।
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