बोरोबुदुर के बाद प्रम्बानन मंदिर संरक्षण में भारत की भूमिका, पीएम मोदी-राष्ट्रपति प्रबोवो ने शुरू किया नया अध्याय
नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। बोरोबुदुर मंदिर परिसर के दस्तावेजीकरण के बाद भारत अब इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापन में भी अहम भूमिका निभा रहा है। बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने नए अध्याय की शुरुआत की। दोनों ने योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रम्बानन मंदिर परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना का शुभारंभ किया।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी कर इसे सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों का स्थायी प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित प्रतिष्ठित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा किया। विशेष सम्मान के तौर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ मंदिर परिसर पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से मंदिर परिसर के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना की शुरुआत का प्रतीकात्मक पट्टिका का अनावरण किया।
9वीं शताब्दी में निर्मित प्रम्बानन मंदिर परिसर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है, जो हिंदू त्रिमूर्ति यानी भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर भारत और इंडोनेशिया के साझा सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों का स्थायी प्रतीक माना जाता है।
यह संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना वर्ष 2025 में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच बनी सहमति का परिणाम है। उस समय प्रम्बानन मंदिर परिसर के मंदिरों के पुनर्स्थापन में भारत की सहायता की संभावनाओं पर सहमति बनी थी।
ये पहली बार नहीं है कि भारत किसी संरक्षण कार्य में अपना योगदान दे रहा है इससे पहले ही ऐसा किया जा चुका है। दक्षिण-पूर्व एशिया में कई विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण और पुनर्स्थापन में भारत का सफल अनुभव रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इससे पहले इंडोनेशिया के बोरोबुदुर मंदिर परिसर का विस्तृत दस्तावेजीकरण भी कर चुका है। प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापन में भारत का सहयोग साझा सभ्यतागत विरासत के संरक्षण के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
--आईएएनएस
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